बोले प्रत्यक्षदर्शी, दुर्घटना काफी भयंकर थी
प्रत्यक्षदर्शी साधु महावीर ने बताया कि 'मैंने जैसे ही चीखपुकार की आवाज सुनी उस समय मैं अपनी मढ़ी में मौजूद था। तत्काल ही घटनास्थल पर पहुंचा तो काफी आवाजें आ रहीं थीं। तुरंत ही राहगीरों को रोककर जैसे तैसे ट्रॉली के नीचे दबे लोगों को ट्रॉली हटाकर निकाला तो कुछ लोगों की ही सांसे चल रहीं थीं। पुलिस भी मौके पर आ गई थी और इस बीच लोगों को मदद करके अस्पताल भिजवाया। दुर्घटना इतनी भयंकर थी कि हाथ पैर भी कांपने लगे।'