कासगंज में सांप्रदायिक हिंसा के मामले में पुलिस प्रशासन ने गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भिजवा दी है। पुलिस सूत्रों की मानें तो इसमें कई मौकों पर पुलिस की लापरवाही बताई गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही कुछ और अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।
तत्कालीन एसपी सुनील कुमार को हटाया जा चुका है। यह बात भी सामने आई है कि पुलिस की तरह प्रशासन के अधिकारियों ने भी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई। एक तो देरी से पहुंचे, दूसरा मामले को हल्के में लिया।
डीएम और एसपी के मुताबिक गृह मंत्रालय को जाने वाली रिपोर्ट शासन के माध्यम से भेजी गई है। जिले से पूरा ब्यौरा शासन को भेज दिया गया। गृह मंत्रालय के उपसचिव ने जिलाधिकारी आरपी सिंह एवं पुलिस अधीक्षक पीयूष श्रीवास्तव से फोन पर रिपोर्ट के बारे में बातचीत की।
एडीजी अजय अानंद
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अधिकारियों ने विस्तृत रिपोर्ट भेजी है। इसमें अभी तक की गई कार्रवाई का पूरा ब्योरा संलग्न है। इससे पहले मुख्यमंत्री कार्यालय से भी अभी तक की कार्रवाई का ब्योरा लिया जा चुका है।
सूत्रों की मानें तो दो मामलों में पुलिस की कमजोरी रही है। हिंसा को काबू करने में ढिलाई बरती गई और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी हुई। अब भी कई आरोपी फरार हैं। हालांकि रिपोर्ट में लापरवाही पर कोई टिप्पणी नहीं है। सिर्फ तथ्य दिए गए हैं।
रिपोर्ट के बिंदु
- तिरंगा यात्रा के दौरान हुआ विवाद, हिंसा भड़कने के कारण।
- पुलिस की सक्रियता, हिंसा रोकने के लिए उठाए गए कदम।
- केस की स्थिति, गिरफ्तारी, फरार आरोपी, निरोधात्मक कार्रवाई।