कासगंज में चप्पे-चप्पे पर पुलिस है, फिर भी शहर जल रहा है। लोगों का कहना है कि बवाल तो शहर में पहले भी हुए लेकिन ऐसी दहशत नहीं देखी। रातभर आगजनी की सूचना पर दौड़ती दमकलों के शोर में हर आवाज गुम है।
सुबह होते ही लोग दौड़ते हैं और दिन भर का राशन जोड़कर घर बैठ जाते हैं। दो दिन से कासगंज शहर का हाल यही है। बिलराम गेट निवासी मनोज ने बताया कि शहर में पहले भी लोगों के बीच झगड़े हुए लेकिन इतनी दहशत हमने कभी नहीं देखी। कासगंज पहले ऐसा कभी नहीं रहा।
शनिवार देर शाम गंगेश्वर कालोनी में एक बंद मकान में लगी आग के बाद रातभर लोग सो भी नहीं पाए। पुलिस के वाहनों की रोशनी की चमक भी कहीं आग लगने सी महसूस होती रही।