आगरा में पुलिस हिरासत में सफाईकर्मी अरुण नरवार की मौत के केस की विवेचना कासगंज के ढोलना थाना प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश सिंह को दी गई है। उनके नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम इस मामले की विवेचना करेगी। इस संबंध में कासगंज के एसपी बोत्रे रोहन प्रमोद ने आदेश दे दिया। वो खुद विवेचना का पर्यवेक्षण करेंगे। जांच टीम आगरा आकर विवेचना से संबंधित दस्तावेज कब्जे में लेगी।
थाना जगदीशपुरा के मालखाने में 16 अक्तूबर की रात को 25 लाख रुपये की चोरी हुई थी। चोरी का पता 17 अक्तूबर को चला था। पुलिस ने 19 अक्तूबर को शक के घेरे में आए पुल छिंगामोदी निवासी सफाई कर्मी अरुण नरवार को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। उसकी 20 अक्तूबर की तड़के उसकी हिरासत में मौत हो गई थी। इस मामले में मृतक के भाई सोनू ने मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमा हत्या की धारा में लिखा गया। इसमें पुलिस की कड़ाई और बदसलूकी से मौत का आरोप लगाया गया। हालांकि अब तक आरोपी पुलिसकर्मियों के नाम सामने नहीं आए हैं।
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एडीजी राजीव कृष्ण ने विवेचना अलीगढ़ रेंज से कराने के आदेश किए थे। अलीगढ़ रेंज के डीआईजी दीपक कुमार ने कासगंज पुलिस को विवेचना सौंपी। एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने रविवार को विवेचना ढोलना थाना के प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश सिंह को दे दी। उनके नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम काम करेगी। इनमें उनके साथ दो एसआई और दो सिपाही शामिल रहेंगे।
एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने बताया कि हिरासत में मौत के मामले की विवेचना निरीक्षक के साथ पांच सदस्यीय टीम करेगी। वह खुद विवेचना का पर्यवेक्षण करेंगे। टीम सोमवार को विवेचना से संबंधित दस्तावेज और साक्ष्यों के लिए आगरा आ सकती है। विवेचक पीड़ित परिवार से भी मिल सकते हैं।