सोरों को तीर्थ स्थल घोषित करने की मांग
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योगी जी, आपसे से कासगंज के लोगों को काफी उम्मीदें हैं। लोग चाहते हैं कि भगवान वराह की प्राकट्य भूमि और महाकवि तुलसीदास की जन्म स्थली सोरोंजी आपके द्वारा तीर्थ स्थल घोषित की जाए।
जन भावनाओं को देखते हुए अमर उजाला ने यहां की ऐतिहासिक, पौराणिक धरोहरों को लेकर विशेष श्रंखला अभियान चलाकर प्रकाशित किया। यहां के लोगों की मांग आप तक पहुंचाई।
आप स्वयं भी सोरों को अच्छा व पवित्र स्थल बता चुके हैं तो फिर तीर्थ स्थल घोषित करने में देरी कैसी। लगातार सोरों के लोग विभिन्न तरह से शांतिपूर्वक प्रदर्शन करके तीर्थ स्थल बनाने की मांग कर रहे हैं।
विकास का तरसता जिला
वहीं जिले में कई समस्याएं खड़ी हुई हैं। कासगंज को बाईपास मार्ग चाहिए। बाईपास का निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। निर्माणदायी कंपनी और निर्माण विभाग बार-बार बजट की कमी की बात करते हैं।
ब्रिज कॉर्पोरेशन भी यही बात दोहराता है। बाईपास का निर्माण न होने से शहर जाम से जूझ रहा है। जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों की काफी कमी है। केवल पांच चिकित्सकों के सहारे ही जिला अस्पताल चल रहा है।
किसी की भी तबियत बिगड़ने पर समुचित इलाज लोगों को नहीं मिल पाता। नया चिकित्सालय बना हैं, यहां उपकरण भी धूल फांक रहे हैं, लेकिन चिकित्सक नहीं है। जिले में बहने वाली काली नदी की धारा पूरी तरह से प्रदूषित है।
यातायात संसाधनों का अभाव
जिले के सहावर और पटियाली तहसील मुख्यालयों पर भी रोडवेज के बस अड्डे नहीं हैं और न ही यातायात के संसाधन और सुविधाएं। आखिर कैसे लोगों को मूलभूत बुनियादी सुविधाएं मिल पाएं यह चिंता का विषय है। पिछड़ा जिला होने के बाद बावजूद शासन की विशेष सुविधा सूची में यह कहीं नजर नहीं आ रहा है।
अखंड आर्यवर्त संघ के अध्यक्ष भूपेश शर्मा ने बताया कि सोरों को तीर्थ स्थल शीघ्र घोषित किया जाए। तीर्थ स्थल घोषित न होने के कारण इस पौराणिक तीर्थ नगरी का समुचित विकास नहीं हो पा रहा। मुख्यमंत्री पहले भी तीर्थ घोषित करने का भरोसा दे चुके हैं, लेकिन अभी तक यह संभव नहीं हो सका है। जबकि आंदोलन निरंतर जारी है।
लोगों का ये है कहना
व्यापारी नेता दविंदर चंडौक का कहना है कि शहर में बाईपास का निर्माण होने आवश्यक है। कई वर्ष से इसका निर्माण धीमी गति से चल रहा है। बाईपास का निर्माण पूरा न होने से शहर में जाम के विकराल हालात रहते हैं। जाम से निजात के लिए व शहर के विकास के लिए बाईपास का शीघ्र निर्माण जरूरी है।
भाजपा नेता आकाशदीप वर्मा रानू ने कहा कि पूर्व के समय में काली नदी से किसानों को काफी लाभ था। जब से काली नदी का जल प्रदूषित हुआ है। जल के अंदर रहने वाले जल जीव भी मर चुके हैं। ग्रामीण पशुओं को पानी भी नहीं पिला पाते।
कर अधिवक्ता बैजनाथ अग्रवाल कहते हैं कि शहर में चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। यहां तक कि जिला अस्पताल में मरीजों को चिकित्सा नहीं मिल पाती। दुर्घटना या वारदात में घायल हुए अधिकतर मरीज रेफर किए जाते हैं। जिला अस्पताल में चिकित्सकों की तैनाती और सभी वार्डों का संचालन आवश्यक है।