कासगंज। परिवहन निगम के रंग में रंगी डग्गेमार बसें एटा, आगरा तक दौड़ रही हैं। यात्रियों को परिचालक फर्जी टिकट बनाकर अधिक किराया वसूल रहे हैं। बाहर से आने वाले यात्रियों का शोषण हो रहा है। यात्रियों ने अनुबंधित बस के चालक-परिचालको पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।
शहर के रोडवेज बस स्टैंड के बाहर से प्राइवेट बसें डग्गेमारी कर रही हैं। इन्हें रोकने टोकने वाला कोई नहीं है। इनके हौसले इतने बुलंद है कि यह यात्रियों को एटा, आगरा तक सफर करा रहे हैं और निगम के राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कासगंज निवासी यात्री प्रमोद पंडित ने बताया कि वह सोमवार की देर शाम आगरा से निगम की बस में बैठे थे। बस निगम की रंग में रंगी हुई थी। अधिकतर सवारियां उसमें बैठ गई थी। रास्ते में परिचालक ने टिकट बनाई तो उसने ई-टिकट की जगह हाथ से लिखनी वाली टिकटें दे दी। जब पूछा कि यह बस प्राइवेट है तो उसने बताया अनुबंधित है। एटा पहुंचने के बाद बस वहां खड़ी हो गई और कह दिया अब आगे नहीं जाएगी। आपको दूसरी बस में शिफ्ट किया जाएगा। यात्री लोकेश का आरोप है कि अनुबंधित बस के चालक-परिचालक ने सभी यात्रियों को प्राइवेट बस में बैठा दिया। प्राइवेट बस के चालक परिचालक ने यात्रियों से अधिक किराया वसूला तो इस बात को लेकर कई यात्रियों की बस में कहासुनी भी हुई। जिम्मेदार संबंधित विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
आगरा से बरेली जाने के लिए अनुबंधित लिखी निगम की बस में बैठे थे। हमारी बरेली तक की टिकट हाथ लिखकर बनाई थी। एटा पहुंचकर हमें बस में उतार दिया। बड़ी मुश्किल से कासगंज आए हैं। अब ट्रेन से बरेली जाएंगे। - नवनीत, यात्री
-
आगरा से सोरोंजी के गांव लहरा रिश्तेदारी में आए थे। बस के परिचालक ने सोरोंजी तक का टिकट बना दिया और एटा पर पहुंचकर दूसरी बस में शिफ्ट कर कर दिया। काफी समय की बर्बादी हुई है दिक्कतें भी हुई हैं। - भूपेंद्र, यात्री
वर्जन :
हमारे डिपो से प्रतिदिन बसों की चेकिंग हो रही है। बिना टिकट बस पकड़ने पर कार्रवाई भी की जा रही है। किसी अन्य डिपो की अनुबंधित बस होगी जिसका अनुबंध खत्म हो गया होगा। बस स्टैंड के बाहर से डग्गेमारी रोकने के लिए यातायात एवं परिवहन विभाग को पत्र लिखा है। - ओम प्रकाश, एआरएम