सोरोंजी के वाराह मंदिर में भगवान वाराह के अभिषेक में शामिल श्रद्धालु।
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सोरोंजी। भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष प्रतिपदा पर क्षेत्राधीश वराह मंदिर में अभिषेक पूजा आयोजित की गई। अभिषेक पूजा के दौरान मंदिर परिसर भगवान वराह के जयकारों से गूंज उठा।
नरेश त्रिगुणायत ने भगवान वराह के अभिषेक का महत्व बताते हुए कहा कि भगवान वराह के अभिषेक व पूजन से सारे मनोरथ सिद्ध होते हैं, अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दौरान भगवान वराह की मंगला आरती के बाद भगवान का गंगाजल, दूध, दही, घृत, शहद से पंचाभिषेक किया गया। आचार्य पंडित नरेश त्रिगुणायत ने वैदिक मंत्र उच्चारित करते हुए विधिविधान पूर्वक अभिषेक कराया, अभिषेक के बाद भगवान का नूतन वस्त्र अलंकार से भव्य श्रृंगार किया गया, भगवान को मेवा मिष्ठान का भोग लगाया गया। शंख और घंटे की गूंज के बीच भगवान वराह की महाआरती उतारी गई। शाम के समय भजन कीर्तन के माध्यम से मां गंगा व भगवान वराह का गुणगान किया गया, प्रसाद बांटा गया। इस दौरान श्रद्धालुओं की ओर से लगाए गए भगवान वराह व मां गंगा के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। अभिषेक के दौरान महंत विदेहानंद गिरि, दीपक चौधरी, सिद्धार्थ शर्मा, हरिदास मौजूद रहे।