कासगंज। माध्यमिक स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकों से ही पढ़ाई होगी। स्ववित्त पोषित विद्यालय मनमाने तरीके से फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक ने प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
एसोसिएशन ऑफ डेमोकेटिक ह्यूमन राइटस नई दिल्ली कार्यालय से विजय राठी एवं जिला अध्यक्ष सुनील विजय द्वारा निजी स्कूलों में हर वर्ष पाठ्यक्रम बदलने के मामले में भेजे गए पत्र के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। विभाग ने ऐसे विद्यालयों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक पीके मौर्य ने कहा कि माध्यमिक स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों से ही शिक्षण कार्य कराने की व्यवस्था शासन से लागू है। इसके साथ ही फीस के संबंध में स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय अध्यादेश 2018 के आधार पर ही शुल्क बढ़ाया जा सकता है। यदि किसी भी विद्यालय ने मनमाने तरीके से फीस व़ृद्धि की या फिर एनसीईआरटी के अलावा किसी निजी पब्लिकेशन की पुस्तकों को लगाया तो कार्रवाई की जाएगी।