कासगंज के शहरी क्षेत्र के लोग इन गांवों में जाकर अपने मकान बनाकर निवास करने लगे हैं। इससे आबादी का विस्तार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इन वाशिंदो के लिए नगर की सुविधाओं का लाभ पालिका नही देती पाती। तेजी से हो रहे विस्तार को देखते हुए पालिका ने आबादी को नगर की सीमा में लाने के लिए सबसे पहले वर्ष 2009 में बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव को पारित कर शासन को भेजा। इस प्रस्ताव को शासन ने कोई तवज्जों नही दी। इससे नगर पालिका की सीमा का विस्तार नही हो सका। इसके बाद पालिका ने दोबारा से बोर्ड बैठक में प्रस्ताव को पास कराकर 20 दिसंबर 2017 में शासन को भेजा। दूसरे प्रस्ताव को भेजने के बाद भी शासन से सीमा विस्तार को हरी झंड़ी नही दी गई।
इन गांवों को प्रस्ताव में शामिल करने की है योजना
- ज्याउद्दीनपुर, धनतोरिया, अहरोली, खेड़िया देहात, भिटौना, जखारुद्रपुर, पवसरा, पहाड़पुर माफी, कल्यानपुर, कासगंज देहात, तरौरा, कुतुकपुर पट्टी, हनौता,बांकनेर,ततारपुर गांव को शामिल करने की योजना है।
इन सुविधाओं को मिलेगा लाभ
प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद लोगों को पेयजल, साफ-सफाई, विद्युत आपूर्ति, सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइटें, नाला निर्माण, आवास, शौचालय सहित अन्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
बढ़ेगी पालिका की आय
नगर पालिका के गांवों को पालिका की सीमा में शामिल करने के बाद पालिका की आय बढ़ेगी। इन गांवों के शामिल होने के बाद करीब 2232.06 हेक्टेयर भूमि का दायरा बढेगा। गांवों से करीब 20 लाख रुपये का राजस्व प्रतिवर्ष प्राप्त होगा। इस धनराशि से क्षेत्र में विकास कार्य कराए जाएगें।
26 हजार से अधिक आबादी हो जाएगी शहरी
पालिका ने 15 गांव को सीमा विस्तार के तहत पालिका में शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। इन गांव में वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 26810 लोग निवास करते हैं। प्रस्ताव मंजूर होने पर ये आबादी शहरी हो जाएगी। इससे ग्रामीणों को योजना लाभ मिलेगा। अधिशाषी अधिकारी पूजा श्रीवास्तव ने बताया कि पालिका की सीमा के विस्तार के लिए दो बार प्रस्ताव को बोर्ड की बैठक में पारित कर शासन को भेजा है। सीमा विस्तार की अभी मंजूरी नही मिली है। शासन से मंजूरी मिलने पर गांवों को पालिका की सीमा में शामिल किया जाएगा।