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हाइड्रोजन परॉक्साइड, रिफाइंड और डिटर्जेंट से बना रहे दूध, खाद्य सुरक्षा विभाग टीम की छापेमारी में हुआ खुलासा, प्रयोगशाला भेजे सैंपल

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कासगंज के गांव सलेमपुर बीवी में दूध संग्रह केंद्र पर छापामार कार्यवाही करते खाद्य सुरक्षा विभाग - फोटो : KASGANJ
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कासगंज। जिले में दूध के नाम पर जहर बेचा जा रहा है। इसका खुलासा खाद्य सुरक्षा विभाग टीम के छापे के दौरान हुआ। मिल्क पाउडर, ग्लूकोज में रिफाइंड, डिटरजेंट व हाइड्रोजन परॉक्साइड मिलाकर दूध तैयार करने का मामला सामने आया है। टीम ने मौके से मिले सभी पदार्थों को सीज कर सैंपल प्रयोगशाला भेजे हैं।
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टीम ने सोमवार को मुखबिर की सूचना पर सलेमपुर बीबी में राजीव गुप्ता के दूध संग्रह केंद्र का निरीक्षण किया। मौके पर 70 किलो दूध मिला। 57 किलो मिल्क पाउडर, 40 किलो ग्लूकोज, 40 लीटर हाइड्रोजन परॉक्साइड , 4 किलो रिफाइंड, 10 किलो डिटरजेंट बरामद हुआ। सभी को टीम ने कब्जे में लेकर सीज कर दिया। अब विभाग मिलावटी सामान को मुहैया कराने वालों के बारे में मालुमात कर रहा है। इससे कि इन्हें भी कार्रवाई के घेरे में लाया जा सके।
क्या है हाइड्रोजन परॉक्साइड
हाइड्रोजन परॉक्साइड बहुत हल्का नीला, पानी से थोड़ा गाढ़ा द्रव है। यह पतले घोल में रंगहीन दिखता है। इसमें ऑक्सीकरण के प्रबल गुण हैं। साथ ही शक्तिशाली विरंजक है। इसका इस्तेमाल एक विसंक्रामक, रोगाणुरोधक, ऑक्सीकारक और रॉकेट्री में प्रणोदक के रूप में किया जाता है। यह एक एंटीसेप्टिक है। यह डेड स्किन को हटाने और घाव को साफ करने में मदद करता है।
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हाइड्रोजन परॉक्साइड खाने के नुकसान
-त्वचा पर पपड़ी बन जाती है।
-खुजली होने लगती।
-चुभन की अनुभूति होती है।
- त्वचा लाल हो जाती।
- सूजन की समस्या हो जाती।
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