फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कासगंज: धन की देवी आज देंगी घर-घर दस्तक, राजयोग में होगा पूजन

विज्ञापन
कासगंज में दुकान पर रखीं माता लक्ष्मी,भगवान गणेश की मूर्तियां। - फोटो : KASGANJ
विज्ञापन
कासगंज। धन की देवी लक्ष्मी सोमवार को घरों में दस्तक देंगी। इस बार मालव्य, शश, गजकेसरी, हर्ष और विमल राजयोग में लक्ष्मी का पूजन होगा। एक साथ बन रहे पांच राजयोगों को ज्योतिष काफी शुभ मान रहे हैं। वहीं चार ग्रह अपनी राशि में रहेंगे। घरों में लक्ष्मी के स्वागत सत्कार की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। घरों और प्रतिष्ठानों को सजा लिया गया है।
विज्ञापन

दिवाली पर लक्ष्मी पूजन का खास महत्व है। इस बार यह और बढ़ गया है। एक साथ पांच राजयोग बनने के साथ ही इस बार बुध ग्रह स्वराशि कन्या में, सूर्य तुला राशि में, शुक्र मकर राशि में और गुरु मीन राशि में रहेगा। चार ग्रहों का एक समय में अपनी-अपनी राशि में होना दुर्लभ संयोग है। इसको लेकर लोगों में बेहद उत्साह है। लक्ष्मी के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। वहीं रविवार को सायं होते ही घर और प्रतिष्ठान जगमगाने लगे थे।
सबसे पहले करें चौकी की स्थापना
चौकी पर लक्ष्मी और गणेश की मूर्तियां इस तरह रखें कि उनका मुख पूर्व या पश्चिम में रहे। लक्ष्मी, गणेश के दाहिनी ओर रहें। कलश में गंगाजल भरकर लक्ष्मी के पास चावलों पर रखें। नारियल को लाल वस्त्र में लपेटकर कलश पर रख दें। दो बड़े दीपक रखें। एक में घी और दूसरे में तेल भरें। एक दीपक चौकी के दायीं ओर, दूसरा मूर्तियों के चरणों में रखें। एक अतिरिक्त दीपक गणेश के पास रखना चाहिए। मूर्तियों वाली चौकी के सामने छोटी चौकी रखकर उस पर लाल वस्त्र बिछाएं। कलश की ओर एक मुट्ठी चावल से लाल वस्त्र पर नवग्रह की प्रतीक नौ ढेरियां बनाएं। गणेश की ओर चावल की सोलह ढेरियां बना लें। इनके बीच स्वस्तिक का चिह्न बनाएं। बीच में सुपारी और चारों कोनों पर चावल की ढेरी रखें। सबसे ऊपर बीचोबीच ऊॅं लिखें। छोटी चौकी के सामने तीन थाली व जल भरकर कलश रखें। पहली थाली में ग्यारह दीपक, दूसरी में खील, बताशे, मिठाई, वस्त्र, आभूषण, चंदन का लेप, सिंदूर, कुंकुम, सुपारी, पान, तीसरी में कमल या गुलाब का फूल, दूर्वा, चावल, लौंग, इलायची, केसर-कपूर, हल्दी चूने का लेप, सुगंधित पदार्थ, धूप, अगरबत्ती और एक दीपक रखें।
विज्ञापन

पूजा की संक्षिप्त विधि
हाथ में पूजा के पात्र से थोड़ा जल लेकर ऊॅं पवित्र: अपवित्रो वा सर्वावस्थांगतोऽपिवा।
य: स्मरेत पुण्डरीकाक्षं स वाह्यभ्यन्तर शुचि:।। पृथ्विति मंत्रस्य मेरुपृष्ठ: गषि: सुतलं छन्द: कूर्मोदेवता आसने विनियोग:।। मंत्र के साथ मूर्तियों पर छिड़क कर पवित्र कर लें। इसके बाद धरती पर जल छिड़क कर आसन को पवित्र करें।
लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त
इस साल अमावस्या तिथि 24 अक्तूबर को शाम 5 बजकर 27 मिनट से प्रारंभ होगी। यह 25 अक्तूबर को शाम 4 बजकर 18 मिनट पर समाप्त होगी। दिवाली पर लक्ष्मी पूजन मुहूर्त शाम 6 बजकर 53 मिनट से रात 8 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। लक्ष्मी पूजन की अवधि 1 घंटा 23 मिनट की है।
विज्ञापन

दिवाली चौघड़िया
चौघड़िया मुहूर्त शाम 5 बजकर 29 मिनट से रात 7 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। इसके साथ ही रात 10 बजकर 29 मिनट से 12 बजकर 5 मिनट तक भी चौघड़िया मुहूर्त है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें