सोरोंजी (कासगंज)। श्रावण मास के तीसरे सोमवार को भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए पिछले 24 घंटे में दो लाख से अधिक कांवड़ियों के कांवड़ भरकर ले जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। लहरा, कछला गंगाघाट से लेकर कासगंज-एटा, कासगंज-सिकंदराराऊ और कासगंज-अतरौली मार्ग पर पूरे दिन कांवड़ियों की कतारें लगी रहीं। कांवड़िये भोलेनाथ की विभिन्न झांकियां निकालते हुए कांवड़ भरकर ले गए। शिव साधना में श्रद्धालुओं की उम्र कोई बाधा नहीं थी। 12 वर्ष की आयु से लेकर 70-72 वर्ष की आयु के लोग कांवड़ भरकर ले जा रहे थे। बाल कांवडि़यों में जहां उत्साह नजर आ रहा था। वहीं महिला व पुरुष कांवड़िये शिव की भक्ति में रंगे नजर आए।
शनिवार से ही कांवड़ भरने के लिए कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने लगी थी। शनिवार की रात लहरा व कछला गंगाघाट पर कांवड़ियों का जबरदस्त सैलाब दिखाई दे रहा था। जितने कांवड़िये कांवड़ भरने पहुंच रहे थे उससे अधिक कांवड़िये कांवड़ भरकर लौट रहे थे। लगातार शनिवार की रात यह सिलसिला चलता रहा। यही हाल रविवार को गंगाघाट पर नजर आया। शाम होते होते कांवड़ियों की टोलियों की संख्या बढ़ती जा रही थी। पूरी रात कांवड़िये निकलते रहे। शाम को डाक कांवड़िये अच्छी तादात में निकले। लहरा गंगाघाट से लेकर नदरई तिराहे तक कांवड़ियों की धूम एक साथ नजर आ रही थी। वहीं नदरई तिराहे से कांवड़ियों की टोलियां अपने अपने मार्गों की ओर बढ़ रहीं थीं। शिकोहाबाद, फिरोजाबाद के कांवड़िये एटा मार्ग से गुजर रहे थे तो सिकंदराराऊ हाथरस के कांवड़िये बरेली-मथुरा मार्ग पर होकर निकल रहे थे। शिवभक्ति की धूम बनी रही। पूरा वातावरण शिवमय नजर आ रहा था। हर ओर भोलेनाथ व गंगा मईया के जयकारे सुनाई दे रहे थे। आगरा, फिरोजाबाद, हाथरस जनपद के बड़ी संख्या में लोग कांवड़ भरकर ले जा रहे थे।
आकर्षक झांकियों के साथ निकली कांवड़े
सोरोंजी। कांवड़ियों पर शिवभक्ति का रंग छाया हुआ था। तमाम कांवड़िये अलग अलग तरह की कांवड़े ले जाते नजर आए। फिरोजाबाद, आगरा के तमाम कांवड़िये शिवपार्वती की मूर्तियों के साथ कांवड़ निकालते नजर आ रहे थे। कोई रथ खींचकर कांवड़ ले जा रहा था तो कोई पालकी कांवड़ बनाकर कांवड़ ले जा रहा था। इसके अलावा कलश कांवड़ व डाक कांवड़ व कांधे की कांवड़ बहुतायत लोग लेकर जा रहे थे। कांवड़ों के अलग अलग प्रकारों से कांवड़ यात्रा सतरंगी बनी हुई थी।
300 कांवड़ियों की टोली पहुंची कांवड़ भरने
कासगंज। फिरोजाबाद के तीन सौ कांवड़ियों की टोली कछला गंगाघाट से कांवड़ भरने के लिए पहुंची। कांवड़ियों की टोली रथ कांवड़ खींचकर ले जा रही थी। रथ के साथ शिवभक्ति के भजन डीजे पर बज रहे थे और कांवड़िये नाचते गाते चल रहे थे। वहीं एत्मादपुर आगरा के 40 कांवड़ियों की टोली भगवान भोलेनाथ व माता पार्वती की मूर्ति के साथ कांवड़ रथ खींचकर ले गई।
पिता और बेटी को कांवड़ में बैठाकर कराई यात्रा
कासगंज। कांवड़ यात्रा में बहुरंग देखने को मिल रहे हैं। तमाम कांवड़िये श्रवण कुमार की तरह माता पिता को कांवड़ यात्रा करा रहे हैं। ऐसा ही एक नजारा रविवार को कांवड़ यात्रा में नजर आया। जिसमें ब्राहिमपुर मोहनपुरा के सत्यपाल व राजवीर सत्यपाल राजवीर ब्राहिमपुर मोहनपुरा अपने पिता श्रीराम और बेटी खुशबू को कांवड़ में बैठाकर यात्रा कर रहे थे।
कांवड़ियों की बात-
- पहली बार भाइयों के साथ कांवड़ उठाने आया हूं, भोले की भक्ति की महिमा अपरंपार है। - राजू, अम्बा, मुरैना
- पांच वर्ष से निरंतर सावन मास में कांवड़ में गंगा जल भरकर पैदल ही टोली के रूप में जाते हैं, 125 किमी की पैदल यात्रा भोले भंडारी का गुणगान गाते हुए पूरी करते हैं। - अमित, नगला पोपल, भरतपुर
- भोलेबाबा में गहरी आस्था है। उनके आर्शीवाद से कछला से कांवड़ भरकर लाए हैं। सोमवार को अभिषेक करेंगे। - सूरज पाल सिंह, बिजौली, आगरा।
- हमारी दूसरी कांवड़ यात्रा है। लहरा से जल भरकर लाए हैं। पटना पक्षी विहार के शिव मंदिर में अभिषेक करेंगे। - अर्जुन, सिकंदरपुर, जलेसर