कासगंज। जिले के शासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों की स्थिति काफी दयनीय है। 28 विद्यालयों में से मात्र एक में ही प्रधानाचार्य की तैनाती है। विद्यालयों में प्रवक्ताओं व सहायक अध्यापकों के पदों पर तैनाती की स्थिति भी काफी खराब है।
जिले में माध्यमिक शिक्षा विभाग में 28 माध्यमिक स्कूल संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलोंं में लगभग 40 हजार छात्र-छात्राएं शिक्षारत हैं, लेकिन इन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक तक नहीं हैं। प्रधानाचार्य की बात की जाए तो मात्र एक विद्यालय में ही इस पद पर तैनाती है।
शेष विद्यालयों में कार्यवाहक प्रधानाचार्यों के सहारे ही काम चलाया जा रहा है। इससे काम की अधिकता के चलते वे भी शिक्षण कार्य के लिए पर्याप्त समय नहीं दे पाते।
बताते हैं कि विद्यालयों में आखिरी बार 2022 में शिक्षकों के विभिन्न पदों पर तैनाती की गई। इसके बाद से अभी तक नई तैनाती नहीं हुई है। जबकि शिक्षक लगातार सेवानिवृत होे रहे हैं। प्रवक्ताओं व सहायक अध्यापकों के पदों के रिक्त रहने का असर शिक्षण कार्य पर भी पड़ रहा है। अभिभावकों ने शासन और प्रशासन के अधिकारियों से शिक्षा व्यवस्था को सुधारे जाने की मांग उठाई है।