कासगंज में वर्ष 2012 में नए परसीमन के बाद अस्तित्व में आई अमांपुर विधानसभा का यह तीसरा चुनाव होगा। इससे पहले विधानसभा का हिस्सा सोरोंजी विधानसभा से जुड़ा था। नए परसीमन के बाद इस विधानसभा के सियासी समीकरण भी बदले और बदले हुए सियासी समीकरणों में एक बार जीत की बाजी बसपा के हाथ लगी तो एक बार भाजपा के। सपा को इस सीट पर मुकाम नहीं मिल पाया, लेकिन इस बार अमांपुर विधानसभा के चुनावी चौसर पर सभी राजनीतिक दलों के नए मोहरे हैं, जिससे रोचक मुकाबले के आसार बन रहे हैं।
सभी नए चेहरे आए सामने
विधानसभा के मतदाताओं के लिए सभी नए चेहरे सामने आए हैं। इन चेहरों को लेकर मतदाताओं के बीच कोई रागद्वेष नहीं है, लेकिन राजनीतिक दलों से जुड़े रागद्वेषी मतदाताओं के बीच हैं। यदि जातिगत आंकड़ों की बात करें तो यह विधानसभा सीट लोधी बाहुल्यता वाली सीट है, वहीं ठाकुर, शाक्य व ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या भी अच्छी खासी है। भाजपा ने लोधी जाति के हरिओम वर्मा को प्रत्याशी बनाया है। वे पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। इससे पहले वह दो बार जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। समाजवादी पार्टी ने एटा के कारोबारी सत्यभान सिंह शाक्य को प्रत्याशी बनाया है। सत्यभान शाक्य भी पहला विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं।
बसपा ने सुभाष शाक्य को बनाया प्रत्याशी
बसपा ने मोहनपुर नगरपंचायत के चेयरमैन सुभाष शाक्य को प्रत्याशी बनाया है। सुभाष शाक्य भी पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। इससे पहले वह नगरपंचायत की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और बसपा से उनका काफी समय से जुड़ाव है। ब्राह्मण मतदाताओं की अच्छी संख्या को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष दिव्या शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। जिले में वह एक मात्र कांग्रेस की महिला प्रत्याशी हैं। वह भी पहलीबार ही चुनाव मैदान मे हैं। आप आदमी पार्टी ने लोधी समाज के मनोज कुमार को प्रत्याशी बनाया है।