करवाचौथ पर देशभर की सुहागिनों के पैरों में ताजनगरी की पायल को चमकाने की तैयारी हो रही है। पायल बनाने में देश की प्रमुख मंडियों में शुमार आगरा की मंडी से 100 करोड़ की आपूर्ति करने की तैयारी जोर पकड़ रही है। कारोबारियों को बीते वर्ष से यह कारोबार 10 करोड़ रुपये अधिक होने की उम्मीद है।
चांदी की पायल बनाने में आगरा का प्रमुख स्थान आता है। यहां की चेननुमा पायल का कोई तोड़ नहीं है। कीमत दो हजार रुपये तक होती है। इधर, त्योहार आते ही आगरा के करीब दो हजार कारखानों में काम जोरों से शुरू हो गया है। उप्र के अलावा बिहार, बंगाल, छत्तीसगढ़ , गुजरात आदि राज्यों में आपूर्ति होने लगी है। लंबे समय बाद एक लाख से अधिक कारीगरों को ठीक से काम मिलना शुरू हो गया है।
पायल की ये वैरायटी भी की जाती पसंद
आगरा की पायल के अलावा राजकोट, मुंबई और अहमदाबाद की पायल भी पसंद की जाती है। हालांकि ये बनती आगरा में ही है, लेकिन डिजाइन वहां के होते हैं। इसका वजन 25 से लेकर 200 ग्राम तक होता है। कीमत एक हजार से लेकर दो हजार रुपये तक होती है।