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चांद संग पति का दीदार

Thu, 20 Oct 2016 12:53 AM IST
चांद संग पति का दीदार
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चांद संग पति का दीदार - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सुहाग के पर्व पर अखंड सौभाग्य की कामना, पूरे दिन निर्जल व्रत रखने के बाद भी मन में अपूर्व उत्साह, सोलह शृंगार कर करवाचौथ की कथा सुनने के बाद चांद का लंबा इंतजार, जैसे ही आसमान में चांद नजर आया तो पति संग चांद का दीदार किया और घर के बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर जल पिया किया। पति-पत्नी के अटूट रिश्ते से जुड़े भारतीय संस्कृति के इस अनूठे त्योहार करवाचौथ पर बुधवार शाम को शहर में कुछ ऐसा ही नजारा था। 
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करवाचौथ के लिए घरों में सुबह से तैयारियां शुरू हो गई थीं। सुहागिनों के पति की लंबी आयु और निरोगी काया के लिए व्रत रखा। घरों में मंदिर के पास दीवार पर करवाचौथ व्रत की अल्पना बनाई और कैलेंडर भी लगाया गया। कच्ची मिट्टी के गौर-पार्वती व गणेश जी बनाए। उन्हें चौकी या पटरे पर स्थापित कर नई चुनरी व शृंगार का सामान चढ़ाया। नीचे करवा और लोटा रखकर गणपति और गौर-पार्वती का पूजन कर पूड़ी, पूए, लड्डू आदि का भोग लगाया। उसके बाद हाथ में जौ या चावल लेकर कहानी सुनी। उसके बाद करवे और लोटे का स्थान सात बार बदला गया। पूजा के बाद बायना निकालते हैं। ननद या सास को चीनी का करवा मंसा गया और उनका आशीर्वाद लिया। इसका बाद शुरू हुआ चांद का इंतजार का सिलसिला। बच्चे छतों पर चढ़ गए और जैसे ही चांद आसमान में नजर आया बच्चों ने आतिशबाजी की और महिलाओं छलनी की आड़ में चांद का दीदार कर आरती उतारी और अर्ध्य देकर पति का चेहरा देखकर जल पिया।

कई स्थानों पर सामूहिक पूजा
घरों में करवाचौथ की पूजा हुई। सभी सुहागिनों ने एक साथ बैठकर पूजा की और करवाचौथ की कथा सुनी। इसके अलावा शहर के तमाम अपार्टमेंट और सोसाइटी में सामूहिक पूजा के कार्यक्रम आयोजित किये गए। सप्तऋषि अपार्टमेंट, पार्श्वनाथ पंचवटी, महर्षि पुरम, ताजनगरी, लायर्स कालोनी, कमला नगर ब्रज विहार मंदिर, बल्केश्वर सनातन धर्म मंदिर, जयपुर हाउस, न्यू शाहगंज आदि क्षेत्र में सामूहिक पूजा हुई।
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चांद देख रास्ते में ही दिया अर्ध्य
आगरा। जो सुहागिनें सफर कर रही थीं उन्होेंने पहले ही करवा चौथ का इंतजाम कर लिया था। वे बेशक विधि विधान के साथ कथा नहीं सुन सकीं, लेकिन चांद का दीदार कर अर्ध्य दिया और पति के दर्शन कर व्रत तोड़ा। शाम को गुरुद्वारा गुरु का ताल आरओबी पर तमाम महिलाओं ने चांद को अर्ध्य देकर व्रत खोला। उनकी कार में कलश और पूजन सामग्री रखी थी, जिन महिलाओं के पति दूर थे उन्होंने तकनीकी का लाभ उठाया और वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पतियों से बात की और उनका चेहरा देखकर व्रत तोड़ा।
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