भाजपा सांसद कंगना रणौत के खिलाफ छात्रों पर कथित टिप्पणी के मामले में वादी अधिवक्ता ने जिला जज की अदालत में रिवीजन दाखिल किया है। जिला शासकीय अधिवक्ता की ओर से जवाब के लिए समय मांगने पर सुनवाई 14 अक्तूबर तक टल गई।
भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत पर छात्रों को गटर जेनरेशन कहने और उनके अभिभावकों का अपमान करने के मामले में वादी अधिवक्ता ने जिला जज की अदालत में रिवीजन दाखिल किया है। जिला शासकीय अधिवक्ता ने जवाब देने के लिए समय की मांग की, इससे अब सुनवाई 14 अक्तूबर को होगी।
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एमपी-एमएलए अनुज कुमार सिंह ने 3 सितंबर, 2026 को वाद खारिज करने के आदेश दिए थे। लिखा था कि जो घटना वर्णित की गई है, उससे न तो वादी पीड़ित है और न व्यथित है। इसके बाद राजीव गांधी बार के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने परिवाद दायर किया।
बताया कि नीट और अन्य परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक होने से करोड़ों छात्र आहत हैं। कई छात्रों ने तनाव में आत्महत्या भी कर ली। सांसद कंगना रणौत ने 27 जुलाई, 2026 को सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम पर आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ टिप्पणी की, जो किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।