विहिप नेता अरुण माहौर की प्रतिमा स्थापना के लिए शुक्रवार को कलक्ट्रेट में होने वाला प्रदर्शन पुलिस प्रशासन की सख्ती के आगे नहीं हो सका। थाना जगदीशपुरा पुलिस ने माहौर समाज के नेता कैलाश माहौर और उनके भाई को शांति भंग में पहले ही गिरफ्तार कर लिया। भाई से हुए झगड़े को आधार बनाया गया। दोपहर एक बजे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।
बता दें, मोहल्ला मीरा हुसैनी में अरुण माहौर की हत्या के बाद गोरक्षक अरुण माहौर प्रतिमा अनावरण समिति ने उनकी प्रतिमा लगवाने का एलान किया था। इसकी जगह की मांग के लिए शुक्रवार को प्रदर्शन करना था। माहौर समाज के लोगों का कहना है कि पुलिस ने कैलाश माहौर को चेतावनी दी थी। गुरुवार रात को उन्हें भाई विजय के साथ गिरफ्तार कर लिया। रात भर थाने से नहीं छोड़ा।
थाना जगदीशपुरा इंस्पेक्टर का कहना है कि दोनों भाइयों में मकान के बंटवारे का विवाद है। रात में दोनों के बीच शराब के नशे में झगड़ा हो गया। दोनों थाने आ गए। यहां भी मारपीट हो गई। मेडिकल में शराब की पुष्टि हुई। तब कार्रवाई की गई।
सुभाष पार्क पर तैनात रही फोर्स
प्रदर्शन के लिए लोगों को सुभाष पार्क पर इकट्ठा होना था। इस कारण सीओ कोतवाली फोर्स के साथ मौजूद रहीं। दोपहर 12 बजे कुछ महिलाएं पहुंची, लेकिन पुलिस को देखकर लौट गईं।
नहीं जाने दिया मौका
प्रदर्शन के एलान के बाद पुलिस को कैलाश माहौर की तलाश थी। नोटिस तामील नहीं कराया जा सका था। मगर, गुुरुवार रात दस बजे वह और उनका भाई थाने पहुंच गए। ये देख पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया। किसी से भी नहीं मिलने दिया। घरवालों को उम्मीद थी कि दोनों की कलक्ट्रेट से जमानत हो जाएगी, लेकिन ऐसा हो नहीं सका।
पुलिस कार्रवाई का हुआ विरोध
कैलाश माहौर को जेल भेजने की जानकारी पर समाज के लोग कलक्ट्रेट पहुंच गए। ये देख फोर्स बुला ली गई। लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध किया। मगर, पुलिस के आगे किसी की न चली
दोनों भाइयों में मारपीट हो गई थी। उनके खिलाफ शांति भंग में कार्रवाई की गई थी। उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां जमानत नहीं मिलने के बाद ही जेल भेजा गया है।
सुशील घुले, एसपी सिटी
हिंदूवादी संगठनों ने भी बनाई दूरी
अरुण माहौर की प्रतिमा स्थापित कराने की मांग के लिए कलक्ट्रेट में होने वाले प्रदर्शन को लेकर पुलिस-प्रशासन की सांसें ऐसे ही नहीं थमी रहीं। आयोजकों की तरफ से इस प्रदर्शन में न सिर्फ कोरी समाज बल्कि कई हिंदूवादी संगठनों के शामिल होने का दावा किया गया था। फायर ब्रांड वक्ता साध्वी प्राची के भी आने की चर्चा थी। हालांकि हिंदू युवा वाहिनी और विश्व हिंदू महासंघ के कुछ कार्यकर्ता जरूर पहुंच गए थे लेकिन आयोजकों के न आने पर वे लौट गए। इधर, पुलिस-प्रशासन के अधिकारी विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों से संपर्क कर उनके शामिल होने या न होने की स्थिति पुष्ट करते रहे। मगर, इन संगठनों ने अपनी सहभागिता से इनकार कर दिया। इधर, कोरी समाज के लोगों ने भी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि कैलाश माहौर इस मामले में अब तक गुमराह करते आ रहे हैं। अगर प्रदर्शन की तैयारी होती तो भले ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया हो, दूसरे लोग तो पहुंचते। साध्वी प्राची भी नहीं पहुंची।