चौसिंगी गांव के तालाब में काफी संख्या में कछुओं के मरने की जानकारी होने पर हड़कंप मच गया है। एक ही रात में कछुओं की मौत को ग्रामीण तस्करों की हरकत होने की आशंका जता रहे हैं। वहीं, वन विभाग पूरे मामले से बेखबर बना हुआ है। कछुओं के मरने की असल वजह पोस्टमार्टम के बाद ही साफ हो सकेगी।
बाह के चौसिंगी में शुक्रवार रात दो दर्जन से ज्यादा कछुए मर गए। शनिवार की सुबह तालाब में कछुओं के शव देख ग्रामीणों ने तस्करों की हरकत की आशंका जताई है। पहले भी यहां कछुआ पकड़ने पहुंचे लोगों को ग्रामीण खदेड़ चुके हैं। तालाब का पानी गंदा होने या सर्दी के प्रभाव से भी कछुओं की मौत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जो भी हो वन विभाग को कछुओं के मरने की जानकारी नहीं थी। डिप्टी रेंजर सिकंदर सिंह ने बताया कि वन विभाग की टीम चौसिंगी गांव जाएगी। कछुओं के शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। तभी उनके मरने की वजह पता चल सकेगी।
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करनपुरी के तालाब की नहीं आई रिपोर्ट
पिछले महीने जैतपुर के करनपुरी गांव में 70 से ज्यादा कछुए मरे थे। तब जांच के लिए टर्टल सरवाइवल एलायंस की टीम गांव गई थी। 10 कछुओं के शव जांच के लिए आईवीआरआई लैब बरेली भेजे गये थे। अब तक उनकी जांच की रिपोर्ट नहीं आयी है।