कासगंज में गर्मी ने 17 जून को नया रिकॉर्ड बना दिया। ये दिन 2012 के बाद सबसे गरम रहा। तपिश ऐसी रही कि लोग परेशान हो गए। दोपहर के बाद सड़कों पर कोई भी नजर नहीं आया।
कासगंज में 2012 के बाद 17 जून सबसे गरम रहा। तापमान 45. 8 डिग्री तक पारा पहुंचा। दिन की शुरूआत 32.2 डिग्री पारे के साथ हुई। आग उगलते मौसम से हर कोई बेहाल नजर आया। गरम हवा के थपेड़े लोगों को चुभन का अहसास कराते रहे।
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जून माह के दूसरे पखवाड़े में गर्मी अपने रिकाॅर्ड तोड़ रही है। रविवार को रात के समय काफी गर्मी रही। जिससे लोग चैन की नींद नहीं सो सके। सोमवार को सुबह से ही आग बरसना शुरू हो गई। 7 बजे ही पारा 32.2 डिग्री पर पहुंच गया। इसके बाद पारा तेजी से चढ़ा। एक घंटे में 5 डिग्री से अधिक पारा चढ़ा। आठ बजे पारा 35.3 डिग्री पर पहुंच गया। इसके बाद पारा लगातार चढ़ता गया। मौसम के इस मिजाज को देख लोग चिंता में पड़ गए। 10 बजे ही पारे ने 41 डिग्री के आंकड़े को छू लिया। गरमी के तेवरों को देख लोग हलकान होने लगे। इससे बाजार की चहल पहल प्रभावित हो गई।
काफी कम संख्या में लोग बाजार में निकले दोपहर तीन बजे पारा 47 डिग्री पर जा पहुं। गर्मी की अधिकता के चलते कूलर पंखे भी फेल हो गए। इनसे गरम हवा आती रहीं। लोगों को इनमें भी गर्मी से राहत नहीं मिली। लोग गर्मी से परेशान होते रहे। बाजार में निकल लोग छांव तलाशते रहे। पेड़ों की छांव में बैठकर लोगों ने गरमी से राहत ली। शाम के समय सूरज अस्त होने के बाद भी गर्मी से राहत नहीं मिली। गरम हवा के थपेड़े लोगों को चुभन का अहसास कराते रहे। जिले में 2012 के बाद 17 जून को इतनी अधिक गर्मी पड़ी।