हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में शनिवार को दसवीं मोहर्रम पर शहर भर में ताजियों के जुलूस निकाले गए। सुबह से ही ताजिये बाहर निकालना शुरू हो गया। भ्रमण के बाद उन्हें शहर की प्रमुख तीन करबलाओं में सुपुर्द ए खाक किया गया।
ताजियों के आगे अखाड़ेबाज करतब करते चल रहे थे। तलवारबाजी, गतका, छूट की लकड़ी, बिछुआ, हजारा, भौंरा और भाले की लड़ाई का प्रदर्शन किया। जुलूसों में ट्यूबलाइटें भी फोड़ी गईं। शाहगंज के पुराने इमामबाड़े से निकाले गए शिया समुदाय के जुलूस में लोगों ने हुसैन की याद में छुरी और कमा से अपने शरीरों से खून निकाल लिया। महिलाओं ने भी मातम किया।
पाय चौकी स्थित कटरा तबकयान से सबसे पहले पूर्वाह्न 11:30 बजे फूलों का ताजिया उठा, इसके बाद शहर भर में ताजियों जुलूस निकाले गए। बड़ी तादाद में अजादार फूलों के ताजिया के साथ चल रहे थे। जुलूस पाय चौकी, नीम दरवाजा, पीर कल्याणी, पालीवाल पार्क और सुल्तानगंज पुलिया होता हुआ तकरीबन एक बजे न्यू आगरा स्थित करबला पहुंचा। इस जुलूस के साथ नाई की मंडी, तोपखाना, मंटोला, ढोलीखार के ताजियों के जुलूस भी चल रहे थे। ये सभी जुलूस तिलक बाजार में आकर मिले। फूलों के ताजिया के चौधरी सरफराज के साथ ही सैकड़ों लोग जुलूस में शामिल थे।
इसके बाद लोहामंडी से जगदीशपुरा, नौबस्ता, तेलीपाड़ा, सैयदपाड़ा, आलमगंज, बेसन की बस्ती, जटपुरा से ताजियों के जुलूस सेंट जोंस चौराहे से एमजी रोड होकर न्यू आगरा स्थित करबला पहुंचे। यहां 70 से अधिक ताजियों को सुपुर्द ए खाक किया गया। विभिन्न कमेटियों द्वारा अजादारों का इस्तकबाल किया गया और जुलूस के रास्ते में लंगर बांटे गए। लोहामंडी में कबूली खिचड़ी और बिरयानी बांटी गई। बालूगंज, ताजगंज, शहीद नगर, गोबर चौकी, पक्की सराय, देवरी रोड से ताजियों के जुलूस कच्ची सराय (ताजगंज) स्थित करबला में पहुंचे। यहां भी दोपहर बाद तक ताजियों को सुपुर्द ए खाक करने का सिलसिला चलता रहा। ज्योति नगर से अंजुमन-ए-हुसैन इंतजामिया कमेटी की ओर से जुलूस निकाला गया। कांग्रेस नेता जमील भाई समेत अन्य लोग शामिल रहे। करबलाओं में फातिहा पढ़ी गईं।
शाहगंज, भोगीपुरा, नरीपुरा समेत आसपास के इलाकों के ताजियों के जुलूस सराय ख्वाजा स्थित करबला पर पहुंचे। यहां भी सैकड़ों ताजियों को दफनाया गया। रूई की मंडी में ऑल इंडिया मुसलिम इत्तेहाद कमेटी के अध्यक्ष निसार अहमद की ओर से अजादारों का इस्तकबाल किया गया। ताजगंज में मलको गली से मोहम्मद अफसर कुरैशी और उनके साथियों ने ताबूत का जुलूस निकाला। ताजगंज थाने से होकर जुलूस वापस मलको गली में समाप्त हुआ।