दुनिया के सातवें अजूबे ताजमहल के दीदार के लिए आए दुनिया भर के 52 देशों के 152 न्यायाधीशों का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को आगरा पहुंचा। उन्हें सुरक्षा जांच के बाद ताजमहल में प्रवेश दिया गया। विदेश मंत्रालय ने इसे प्रोटोकॉल में प्रशासन की चूक बताया है।
बता दें कि बुधवार को सुबह तय समय से दो घंटे देरी से पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल में 52 देशों के मुख्य न्यायाधीश भी शामिल थे। 52 देशों के न्यायाधीशों को विदेश मंत्रालय ने एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच से मुक्त किया था लेकिन स्थानीय प्रोटोकॉल अधिकारियों की गलती से ताजमहल पर न्यायाधीशों को सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ा।
तीन दिन पहले प्रोटोकॉल अधिकारी को विदेश मंत्रालय से उनके दल के आगमन की जानकारी थी लेकिन ताज पर सुरक्षा जांच से छूट का पत्र सीआईएसएफ को नहीं भेजा गया।
इस वजह से ताज के प्रवेश द्वार पर डीएफएमडी और एक्सरे मशीन से जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। उनके साथ कुछ सामान भी था, जिसे पहले रोक दिया गया। विदेश मंत्रालय से दल के साथ आए अधिकारियों ने इसे स्थानीय प्रशासन की चूक बताया है।