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आगरा जोंस मिल प्रकरण: जमीन खुर्द-बुर्द करने के आरोपी बिल्डर चुनुमन को जेल भेजा

Fri, 12 Mar 2021 12:05 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • पुलिस टीम हरिद्वार से गिरफ्तार कर लाई
  • दो आरोपी रज्जो जैन और कंवलदीप सिंह हैं फरार
  • पुलिस की टीम तलाश में दे रही है दबिश 
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जोंस मिल प्रकरण का आरोपी बिल्डर चुनमुन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जोंस मिल की जमीन खुर्द-बुर्द करने के मामले में फरार आरोपी मातंगी बिल्डर के मालिक हेमेंद्र अग्रवाल उर्फ चुनमुन को पुलिस ने बृहस्पतिवार को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया। इन्हें आगरा लाकर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं केस में अभी रज्जो जैन उर्फ राजेंद्र जैन और सरदार कंवलदीप सिंह फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दे रही है। 
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19 जुलाई 2020 को जोंस मिल में बम धमाका हुआ था। इसमें सोढ़ी ट्रांसपोर्ट के गोदाम का एक हिस्सा उड़ गया था। गनीमत रही कि कोई घायल नहीं हुआ था। बम धमाके के बारे में पता चलने पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें रज्जो जैन सहित नौ आरोपियों को जेल भेजा गया था।

पुलिस के मुताबिक, रज्जो जैन ने गोदाम को खाली कराने के लिए साजिश की थी। उसे गोदाम खाली होने पर अच्छा कमीशन मिलने वाला था। इसलिए बम धमाका कराया था। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई थी। रज्जो जैन पर दो मुकदमे दर्ज किए गए थे। गैंगस्टर में भी कार्रवाई की गई। वह जमानत पर बाहर है। 
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जोंस मिल की जगह - फोटो : अमर उजाला
जोंस मिल प्रकरण सुर्खियों में आने के बाद जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह ने एक जांच कमेटी गठित की थी। आठ सदस्यीय कमेटी की जांच रिपोर्ट के बाद अरबों की जमीन खुर्द-बुर्द करने का मामला सामने आया था। जमीनों की बिक्री हाईकोर्ट और शासन के आदेश की अवहेलना करके की गई थी। इस पर लेखपाल सजल कुमार कुलश्रेष्ठ ने दो फरवरी को थाना छत्ता मेें हेमेंद्र अग्रवाल उर्फ चुनमुन, सरदार कंवलदीप सिंह और रज्जो जैन उर्फ राजेंद्र जैन के खिलाफ धोखाधड़ी और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा तीन के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।

एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद को निर्देश दिए गए थे। इसके बाद टीम का गठन किया गया। चुनमुन के हरिद्वार में छिपे होने की जानकारी मिली थी। इस पर टीम ने दबिश दी। वह हर की पैड़ी में मिल गया। उसे गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

चुनमुन हरिद्वार से पहले कन्याकुुमारी, केरल और जैसलमेर तक गया था। उसके पीछे पुलिस लगी हुई थी। आखिर में वो पकड़ा गया। अन्य आरोपियों को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा। जमीनों की बिक्री फर्जी प्रपत्र से की गई है। इसलिए विवेचक ने मुकदमे में कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की धारा की भी वृद्धि की है।  
 

जोंस मिल के इस हिस्से में हुआ था ब्लास्ट - फोटो : अमर उजाला
क्लीनचिट देने पर निरीक्षक पर गिरी थी गाज 
19 जुलाई 2020 को जोंस मिल परिसर में बम धमाका हुआ था। तब रज्जो जैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने विवेचना में हेमेंद्र अग्रवाल उर्फ चुनमुन का नाम भी खोला था। हालांकि बाद में विधिक राय लेने के बाद नाम निकाल दिया गया था। यह मामला संज्ञान में आने के बाद आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद जांच एएसपी हरीपर्वत को दी गई थी। थाना छत्ता के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सुनील दत्त को निलंबित किया गया था। दूसरी बार मुकदमे में आरोपी चुनमुन पकड़ा गया। अभी और लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। 

कमेटी की रिपोर्ट के बाद दर्ज हुआ था मुकदमा 
जिलाधिकारी पीएन सिंह ने 29 जुलाई 2020 को आठ सदस्यीय कमेटी बनाई थी। कमेटी ने जमीन की खरीद-फरोख्त की जांच की। इसमें पता चला था कि गजट नोटिफिकेशन 16 नवंबर 1949 के द्वारा राज्य सरकार ने जोंस मिल से संबंधित चल-अचल संपत्ति के किसी भी प्रकार के अंतरण किए जाने पर रोक लगा दी थी।

अधिकृत नियंत्रक के द्वारा किसी भी अंतरण के लिए जिलाधिकारी से अनुमति लेना जरूरी कर दिया था। आदेश में हाईकोर्ट ने आंशिक संशोधन किया था। अधिकृत नियंत्रक द्वारा जोंस मिल की चल-अचल संपत्ति का विक्रय हाईकोर्ट की अनुमति के बिना निषिद्ध कर दिया। आदेश में सभी पक्ष पार्टी बने थे। 
 
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जोंस मिल में पड़ा मलबा - फोटो : अमर उजाला
क्लोन चेक के मामले में आया था कंवलदीप का नाम 
थाना छत्ता के प्रभारी निरीक्षक राजकमल सिंह ने बताया कि रज्जो और कंवलदीप की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। कंवलदीप के खिलाफ वर्ष 2016 में थाना हरीपर्वत में दो करोड़ रुपये के क्लोन चेक का मुकदमा लिखा गया था। इस मामले में बैंक मैनेजर जेल गया था। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में एनआरआई के खाते का क्लोन चेक बनाने का मामला सामने आया था। विवेचना ईओडब्ल्यू ट्रांसफर हो गई थी। कंवलदीप एक सत्ताधारी विधायक के रिश्तेदार हैं। उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी।
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