जोंस मिल प्रकरण में तलाशी जा रही नहर की जमीन पर गैलाना में भी एक पार्किंग चलती मिली है। गुरुवार को की गई पैमाइश में इसकी जानकारी हुई। जीवनी मंडी से लेकर ककरैठा तक पैमाइश हो चुकी है। 100 से ज्यादा अवैध कब्जे मिले हैं। कब्जा करने वालों पर सिकंदरा और न्यू आगरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
आईएसबीटी, भगवान टॉकीज, खंदारी और नेशनल हाईवे पर तो नहर का नाम-ओ-निशान ही नहीं मिला था। ककरैठा और गैलाना में नहर मिली और इसका पत्थर भी। हालांकि इसका आकार बहुत छोटा है। नहर 100 फुट से अधिक की थी, यहां 40 फुट की भी नहीं मिली।
100 साल पहले नहर थी, आज नाली तक नहीं
एनएच-2 पर जहां भगवान टॉकीज फ्लाईओवर है, वहां से नहर गुजरती थी। न्यू आगरा थाना जिस जमीन पर बना है, वह नहर की है। यहां आसपास होटल भी नहर की जमीन पर है जबकि नहर सिर्फ सिंचाई विभाग के कागजों में बची है। सिंचाई विभाग के रिकॉर्ड में यह नहर दिल्ली से आती है। आगरा में जोंस मिल तक जाती है। एनएच-2 से होकर गुजरती है। सुल्तानगंज की पुलिया, जीवनी मंडी में नहर की जगह 20 फुट का नाला रह गया है। नहर कहीं नहीं है।
ककरैठा और गैलाना के बीच पार्किंग चलती मिली। पैमाइश के लिए गई राजस्व टीम के सदस्यों ने इसकी जानकारी दी। नायब तहसीलदार सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में लेखपाल राजेश कुमार सिंह, सुरजन सिंह, नाहर सिंह टीम में रहे। नगर निगम से विजय कुमार शर्मा, वैभव यादव, भीष्म पाल सिंह, नहर विभाग से मोहन सिंह रहे।