लोगों की औसत आयु भले ही बढ़ी हो, बुढ़ापा उनके लिए अभिशाप से कम नहीं। जानते हैं, बुढ़ापे के पीछे भी केमिकल लोचा है। ये दिमागी नहीं, शरीर में होने वाली गड़बड़ी है। ताज रोड स्थित होटल में जीरियाट्रिक सोसाइटी ऑफ इंडिया की 12वीं कांफ्रेंस में विशेषज्ञों ने बुजुर्गों की बीमारी, उनके निदान पर मंथन किया। आगरा डायबिटीज फोरम की ओर से आयोजित कांफ्रेंस में 300 से अधिक विशेषज्ञ शामिल हुए।
दो दिवसीय कांफ्रेंस में पहले दिन केमिस्ट्री ऑफ एजिंग पर व्याख्यान हुआ। बुढ़ापे के लिए फ्री रेडिकल्स जिम्मेदार हैं, जिसे रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पेसीज (आरओएस) भी कहते हैं। रिसर्च पत्र पढ़ने वाली रसायनविद् डा. पदमा हाजरा ने बताया कि उम्र बढ़ने पर रेडिकल्स तेजी से विकसित होते हैं। नतीजतन मस्तिष्क से पैरों तक बदलाव होता है। इनके ज्यादा प्रभावी होने से समय से पहले भी बुढ़ापा दस्तक देता है। फ्री रेडिकल्स के लिए प्रदूषण, धूम्रपान, बिगड़ी दिनचर्या और भोजन भी कारक हैं। डा.
शैलेंद्र ने बताया कि एक फीसदी बुजुर्ग डिप्रेशन के शिकार रहते हैं। इसका कारण एकल परिवार है। ब्लड प्रेशर, हृदयरोग, किडनी खराब, कमजोर हड्डियां का खतरा भी अधिक रहता है। फोरम सचिव डा. सुनील बंसल ने बुजुर्गों में मधुमेह को चुनौती बताते हुए कहा कि उपचार के साथ बेहतर देखभाल जरूरी है। इससे पूर्व उद्घाटन डीईआई के निदेशक प्रो. पीके कालरा, विशिष्ट अतिथि एसएन मेडिकल कालेज के पूर्व प्राचार्य डा. अजय अग्रवाल ने किया। डा. विवेका कुमार, डा. अगम अरोरा ने भी व्याख्यान दिया। कांफ्रेंस में डा. अतुल कुलश्रेष्ठ, डा. आशीष गौतम, डा. अंजना पांडे, डा. प्रभात अग्रवाल, डा. बीके अग्रवाल आदि उपस्थित रहे। रविवार को विभिन्न बीमारियों में योग के महत्व पर विशेष व्याख्यान होगा।
अभिशाप नहीं है ओल्ड ऐज होम
बेटा विदेश में, माता-पिता अकेले। ऐसे बुजुर्गों को ओल्ड ऐज होम भेजना अभिशाप नहीं है। यहां उनकी बेहतर देखभाल होती है। डा. ओपी शर्मा ने कहा कि 1959 में पहला होम खुला अब देश में 17 सौ से ज्यादा हैं। मुंबई, पुणे, दिल्ली समेत मेट्रो शहरों में ये लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि बुजुर्गों की बीमारी को देखते हुए केंद्र सरकार 25 मेडिकल कालेज में जीरियाट्रिक कोर्स शुरू कराने जा रही है।
बुजुर्गों के लगवाएं टीके
- बच्चों की तरह बुजुर्गों को भी टीके लगवाएं। इसमें इनफ्लुएंजा, निमोनिया, टिटनेस, डिप्थीरिया और हरपिस जोस्टर जैसी बीमारियों के टीके बाजार में हैं।