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UP: साली की शादी में गिफ्ट देने को जीजा बना चोर, घरों से चुराए 30 लाख के जेवर; खुला राज तो सन्न रह गए घरवाले

Sun, 24 Mar 2024 09:01 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

पुलिस ने गैंग के सरगना को उसके साले और दोस्त के साथ गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 30 लाख के जेवरात और 1.20 लाख बरामद हुआ है। जानकारी हुई तो परिजन हैरान रह गए। 
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जेवरात। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में साली की शादी में गिफ्ट देने के लिए उसका जीजा बंद घरों में चोरी की वारदात कर रहा था। वह साले और दोस्त के साथ ईंट, बालू और सीमेंट के ट्रैक्टर ट्रॉलियों से नई कॉलोनियों में जाते थे। जिन घरों में ताले लगे होते थे, वहां चोरी करते थे। 

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पुलिस ने रविवार को जीजा-साले और दोस्त को गिरफ्तार कर लिया। उनसे 30 लाख के सोने-चांदी के जेवरात, 1.20 लाख रुपये सहित अन्य सामान बरामद किए गए हैं। पुलिस को गैंग को पकड़ने के लिए एक हजार से अधिक कैमरों के फुटेज देखने पड़े, तब सुराग मिला। आरोपी हाथरस और फिरोजाबाद के रहने वाले हैं।

सीसीटीवी कैमरों ने खोला राज

डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि शहर में लगातार चोरी की घटनाएं हो रही थीं। इस पर सिटी एसओजी को लगाया गया था। पुलिस टीम ने एक हजार से अधिक कैमरों को खंगाला। इससे सुराग मिले। इसके बाद ताजगंज क्षेत्र में गैंग को गिरफ्तार कर लिया। 
 

आरोपियों में हाथरस के चंदपा का मोनू, उसका साला फिरोजाबाद का विपिन और हाथरस का दोस्त जीतू हैं। उनसे 30 लाख के सोने-चांदी के जेवरात, 1.20 लाख रुपये, घी का डिब्बा, ग्राइंडर बरामद हुआ। उन्होंने 21 मार्च को शमसाबाद रोड स्थित राधेश्याम कॉलोनी में वारदात की। इसके अलावा 15 फरवरी को स्कूल, 10-12 मार्च को डिफेंस एन्क्लेव में दो घर को निशाना बनाया था।

निर्माण सामग्री से लदे ट्रैक्टर से आते थे आगरा

आरोपियों से पूछताछ के बाद पता चला कि मोनू सरगना है। वह साले विपिन और दोस्त जीतू के साथ चोरी करता था। मोनू ने दो शादियां कर रखी है। एक पत्नी खंदौली में रहती है, जबकि दूसरी गांव में साथ रहती है। तीन महीने बाद उसकी साली की शादी है। इसमें जेवरात और सामान गिफ्ट करने थे। इसलिए वह बड़ा हाथ मारना चाह रहा था।
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पहले करते रेकी... फिर सामान कर देते साफ

वह अपने साले और दोस्त के साथ ईंट, सीमेंट, बालू लेकर आने वाले वाहनों में बैठकर आता था। नवविकसित कॉलोनियों में माल उतारने के दौरान तीनों रेकी करते थे। ताले लगे घरों को चिह्नित कर रात में चोरी करते थे। जेवरात ही नहीं, बर्तन, कपड़े, इलेक्ट्रिक प्रेस तक घर से ले उठाकर जाते थे। सामान चोरी के बाद टीडीआई मॉल के पास जंगल में छिपाया था। जेवरात कम कीमत में अनजान लोगों को बेच दिया करते थे।
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