प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 9 से 12 बजे तो दूसरी पाली की 2:30 से 5:30 बजे तक आयोजित की गई। परीक्षा केंद्रों में एडमिट कार्ड और पहचानपत्र देखने के बाद ही प्रवेश दिया गया। स्मार्ट वॉच, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण उतरवा दिए गए। परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थियों ने बताया कि पहली पाली में कैलकुलस और अलजेब्रा से पूछे गए सवालों में काफी समय लगा। वहीं दूसरी पाली में फिजिक्स में इलेक्ट्रिसिटी, ईएमआई, वेव ऑप्टिक्स और मैकेनिक्स से ज्यादा सोचने और कॉन्सेप्ट आधारित सवाल पूछे गए।
तैयारी कराने वाले डॉ. ललितेश यादव ने बताया कि इस बार जेईई एडवांस्ड में रटने के बजाय कॉन्सेप्ट की समझ और टाइम मैनेजमेंट ज्यादा देखने को मिला। गणित और फिजिक्स में गहराई वाले सवाल पूछे गए जबकि केमिस्ट्री ने छात्रों को स्कोर करने का बेहतर मौका दिया। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों की बेसिक तैयारी मजबूत थी, उनके लिए पेपर संतुलित माना जा सकता है। पिछले साल पेपर सरल था।
ट्रिकी थे कई सवाल
जगनेर के आशुतोष ने बताया कि भौतिक विज्ञान सबसे कठिन लगा। कई सवाल ट्रिकी थे और कैलकुलेशन भी लंबी थी। पूर्व के मुकाबले इस बार परीक्षा कठिन रही।