राष्ट्रीय लोकदल के महासचिव जयंत चौधरी ने भूमि अधिग्रहण मुद्दे पर एक बार फिर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि जब से मोदी सरकार ने भूमि अधिग्रहण बिल में बदलाव की घोषणा की है, तब से निवेशक आने को तैयार नहीं हैं। वह भूमि अधिग्रहण के चक्कर में नहीं फंसना चाह रहे। छोटे चौधरी ने कहा कि इस बिल को लेकर मोदी सरकार पिछले आठ महीने से देशवासियों को गुमराह कर रही है। कहा कि देश का वातावरण बिगड़ रहा है।
मंगलवार को बोदला-सिकंदरा रोड स्थित लक्ष्मी पैलेस में आयोजित प्रेसवार्ता में जयंत चौधरी ने पावर ग्रिड के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण मामले में ग्रामीणों के विरोध को जायज बताया। कहा कि रालोद पावर ग्रिड के विरोध में नहीं है, लेकिन भूमि अधिग्रहण किसानों की सहमति से होना चाहिए। किसानों पर लाठी बरसाने से माहौल और बिगड़ेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि आपदा प्रभावित बहुत से किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। केंद्र और प्रदेश सरकार दोनों ने किसानों के साथ छल किया है। वहीं, पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर कहा कि पार्टी सीधे तौर पर इस चुनाव से दूर रहेगी। हालांकि पार्टी समर्थित प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। प्रत्याशियों का चयन स्थानीय स्तर पर ही तय किया जाएगा। पार्टी प्रदेश या राज्य स्तरीय पदाधिकारियों का इसमें हस्तक्षेप नहीं रहेगा।