सकारात्मक सोच की शक्ति और कठिन समय में हौसला बनाए रखने की विधा को जया किशोरी ने विस्तार से समझाया। कहा कि अच्छा और बुरा जीवन में जो भी घटित हो, सब प्रभु को समर्पित कर दो। कर्म लौटकर आते हैं। अगर आपने इस जीवन में किसी के साथ बुरा नहीं किया और फिर भी आपके साथ बुरा हो रहा है, तो उसे पूर्व जन्म के कर्म मानकर समय को काट लेना चाहिए। भगवान कृष्ण ने भी गीता में कर्म का ही उपदेश दिया है, तो फिर हम क्यों भक्ति को संन्यास से जोड़कर देखते हैं।
उन्होंने कहा कि परिवार और गृहस्थी के साथ भी कर्म करते हुए धर्म की राह पर चला जा सकता है। अगर हर इन्सान आध्यात्म को जीवन में अपना ले तो फिर समाज की सूरत ही बदल जाएगी। जीवन की समस्याओं पर कहा कि चीजों को देखने का नजरिया बदलना होगा।
इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ तपन ग्रुप के एमडी सुरेश चंद गर्ग, सुदीप गर्ग, आगरा ऑयल एंड जनरल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के एमडी कुमार कृष्ण गोयल, कपीश्वर न्यूरो हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड के न्यूरो फिजीशियन डॉ. नरेश शर्मा, गणपति ग्रुप के एमडी निखिल अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। करीब एक घंटे तक चले आध्यात्मिक सत्र के दौरान लोग पूरी तल्लीनता से जया किशोरी को सुनते नजर आए। मेरा आपकी कृपा से... भजन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
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