आगरा। छह दिन के भारत दौरे पर आए 230 जापानी कंपनियों के सीईओ का बृहस्पतिवार को आगरा दौरा अब केवल सैर-सपाटे तक सिमट कर रह गया है। स्थानीय उद्यमियों को जापानी प्रतिनिधिमंडल के इस दौरे से निवेश और नई तकनीक मिलने की जो उम्मीदें थीं, वह निराशा में बदल गई हैं।
कार्यक्रम में हुए बदलाव के तहत, उद्यमियों के साथ प्रस्तावित राउंड टेबल मीटिंग अब लखनऊ शिफ्ट कर दी गई है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि जापानी प्रतिनिधिमंडल के आगरा कार्यक्रम को छोटा कर दिया गया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल दोपहर 1 बजे आगरा पहुंचेगा। फतेहाबाद रोड स्थित जेपी होटल में लंच के बाद दोपहर 2:30 बजे ताजमहल का दीदार करेगा। शाम 4 बजे प्रतिनिधिमंडल लखनऊ रवाना हो जाएगा।
जमीन न मिलने से पहले भी छिन चुका है निवेश
जापानी निवेशकों के बिना बैठक किए लौटने से शहर के उद्यमियों में भारी निराशा है। पूर्व में 2022-23 की ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ के दौरान आगरा में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव आए थे। लेकिन, स्थानीय प्रशासन उद्यमियों को उद्योगों के लिए जमीन उपलब्ध कराने में विफल रहा। इसका नतीजा यह हुआ कि 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम निवेश आगरा से छिटक कर जेवर, नोएडा व अन्य शहरों में चला गया।
उद्यमियों ने बयां किया दर्द
जापानी तकनीक से शहर के उद्योगों में नई जान आ सकती थी, लेकिन हमेशा की तरह आगरा को सिर्फ एक टूरिस्ट स्पॉट ही मान लिया गया। — कुलदीप कोहली, जूता निर्यातक
स्थानीय उद्यमियों के साथ मीटिंग निरस्त होना एक बड़ा झटका है। विकास के लिए प्रशासन को आगरा के उद्योगों पर भी गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। — शीनू, हैंडीक्राफ्ट निर्यातक
जमीन के अभाव में हमारा अरबों का निवेश पहले ही बाहर जा चुका है, अब जापानी निवेश की नई उम्मीद भी टूट गई। — मनीष अग्रवाल, प्रदेश सचिव, लघु उद्योग भारती
आगरा केवल वीवीआईपी लंच और ताज दर्शन तक सीमित रह गया है। शहर के औद्योगिक विकास की यह अनदेखी बेहद निराशाजनक है। — नरेश पांडेय, व्यापारी नेता