कृष्णापाडा स्थित द्वारिकाधीश मंदिर 140 वर्ष प्राचीन है। इसकी स्थापना सन् 1879 में की गई थी। सेठ कन्हैयालाल गोइंका ने इस मंदिर की नींव रखी थी। इस मंदिर से हजारों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हैं। सुहागनगरी का इतिहास भी इसी मंदिर से जुड़ा हुआ है। जन्माष्टमी पर भव्य कार्यक्रम इस मंदिर में होते हैं।
द्वारिकाधीश मंदिर में द्वारिकाधीश भगवान की भव्य एवं सुंदर प्रतिमा विराजमान है। जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो जाते हैं। मंदिर में जन्माष्टमी पर भव्य कार्यक्रम होते हैं।
यहां दर्शन करने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं। प्रथम महंत के रूप में द्वारिकाधीश की सेवा पंडित चरनजी लाल गौड़ ने की थी। वर्तमान में सेवा महंत पंडित अभिषेक गौड़ कर रहे हैं।