साइबर अपराधियों को बोदला स्थित एक जनसेवा केंद्र का संचालक कमीशन पर बैंक खाते उपलब्ध करा रहा था। चार महीने में 40 से अधिक खातों में तीन करोड़ से अधिक की ठगी की रकम जमा कराई गई। खाते उन लोगों से लिए जाते थे, जो मजदूर होते थे। उन्हें खाते में आने वाली रकम का दो फीसदी कमीशन का लालच दिया जाता था।
केंद्र संचालक इन खातों से रकम निकालने के बाद साइबर अपराधियों के खातों में ट्रांसफर भी कर देता था। ऑपरेशन कोड ब्रेक के तहत पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर खुलासा किया है। दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी है। आरोपियों से एक कार, चार मोबाइल, सात डेबिट कार्ड और 16,800 रुपये बरामद हुए हैं।
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि रामनगर, जगदीशपुरा निवासी साहिल निगम के मोबाइल पर लगातार खाते में रकम जमा होने और निकलने के मैसेज आ रहे थे। पता करने पर सामने आया कि अभय नामक युवक खातों के लेनदेन से संबंधित मैसेज भेज रहा है। इस पर उन्होंने 2 अगस्त को पुलिस से शिकायत की।
पूछताछ में पता चला कि जनसेवा केंद्र संचालक अभय ने बहाने से साहिल का खाता नंबर लिया था। बताया था कि उसके खाते की लिमिट पूरी हो गई है। उसके पास रकम आनी है। उसने साहिल का डेबिट कार्ड ले लिया था। इसके बाद कार्ड अपने साथी कार्तिक व प्रियांशु को दे दिया। खाते में 3-4 बार रकम आई। तीनों कार्ड से रकम निकालने के बाद डेबिट कार्ड वापस कर देते थे।