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'सफेद हाथी' साबित हो रहे जन औषधि केंद्र, महंगी दवाएं खरीदनों को मजबूर हैं 'बीमार'

Wed, 18 Sep 2019 01:58 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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जन औषधि केंद्र - फोटो : अमर उजाला
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जन औषधि केंद्रों पर 600 तरह की दवाओं और 154 तरह के सर्जिकल आइटम का दावा भले ही किया जा रहा हो, लेकिन यहां कैंसर, हृदय रोग की दवा ही नहीं मिल रहीं। त्वचा रोग, आंख, सेनेटरी नैपकिन की भी कमी है। ऐसे में मरीज महंगी दर पर निजी मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदने को मजबूर हैं।
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जिला अस्पताल, मानसिक स्वास्थ्य संस्थान और महिला जिला अस्पताल में चल रहे जन औषधि केंद्रों पर औसतन 800-1200 मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। केंद्रों पर कैंसर, हृदय, पेट के गंभीर रोगों की दवाओं की कमी लंबे समय से है।

तीनों केंद्रों पर दवा वितरक 250 से 300 तरह की दवाएं होने का दावा करते हैं, लेकिन यहां दवा लेने आए मरीजों ने बताया कि एलर्जी, त्वचा रोग, आंख-कान की ड्रॉप तक नहीं मिलती है। उनको कई-कई दिन चक्कर काटने पड़ते हैं। 
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सिरिंज और गॉज भी नहीं मिल रही 
जन औषधि केंद्र पर 154 तरह के सर्जिकल आइटम देने का दावा किया जा रहा है, लेकिन अभी तक केंद्रों पर सिरिंज और गॉज तक नहीं मिल रही। यहां तक कि केंद्रों पर सर्जिकल आइटम की अभी तक सप्लाई ही नहीं हुई है। ऐसे में मरीजों को महंगी दर पर ये खरीदनी पड़ रही हैं।

केंद्रों पर नहीं मिलती हैं दवाएं 
खुजली की दवा लेने के लिए जन औषधि केंद्र पर आई। बताया कि अभी दवा नहीं आ रही है। दो बार चक्कर काट चुकी हूं। -अफसाना बेगम, कमाल खां
डॉक्टर ने मुंहासे की दवा लिखी, इनमें से एक भी जन औषधि केंद्र पर नहीं मिली। बताया कि बाहर से ले लेना, अभी सप्लाई में नहीं है। - जतिन कुमार, देवरी रोड
सस्ती कीमत में दवा मिलने की जानकारी पर अपनी दवा लेने के लिए जन औषधि केंद्र आई। पर्चे पर लिखी दवा में से एक ही मिली।- मीना देवी, आगरा कैंट 
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सर्जिकल आइटम की सप्लाई नहीं आ रही 
जन औषधि केंद्र के नोडल प्रभारी रविंद्र सिंह
सवाल: केंद्रों पर 154 तरह के सर्जिकल आइटम मिलने का बोर्ड लगा है, यहां सिरिंज तक नहीं मिल रही। 
जवाब: दवाओं की सप्लाई केंद्र सरकार करती है। हम डिमांड भेजते हैं। जब से केंद्र शुरू हुआ है, सर्जिकल आइटम की सप्लाई नहीं आ रही है। कई बार डिमांड भेजी है। 
सवाल: कैंसर, एलर्जी, आंख समेत अन्य मर्ज की दवा नहीं मिल रही, मरीज लौट रहे हैं, जबकि बोर्ड पर 600 तरह की दवाएं होने का दावा किया जा रहा है।
जवाब: पहले के मुकाबले दवाओं की संख्या बढ़ी है। अब 300 तरह की दवाएं हैं। कैंसर की दवाएं नहीं आ रही हैं। अन्य की कमी हो
सकती है। हर सप्ताह डिमांड भेजते हैं, बाकी की दवाओं की सप्लाई एक-दो दिन में आ जाएगी। 
 
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