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बिना अधिग्रहण के ही जमीन का कर दिया भुगतान 

Sun, 16 Oct 2016 01:00 AM IST
बिना अधिग्रहण के ही जमीन का कर दिया भुगतान 
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रुपये - फोटो : DEMO Pics
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जमीन अधिग्रहण की आड़ में सरकारी धन को ठिकाने लगाया जा रहा है। इसका खुलासा उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) की जांच में हुआ है। फिलहाल दो मामले पकड़ में आए हैं। अधिग्रहण की आड़ में हुए खेल के दोनों ही फतेहाबाद तहसील के अंतर्गत के हैं। एक में बिना धारा चार की कार्रवाई के भुगतान किए जाने का मामला है तो दूसरा निर्धारित दर से अधिक भुगतान करने का। यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने जिलाधिकारी गौरव दयाल को इन मामलों से अवगत कराते हुए जांच के लिए कहा है।
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बता दें कि ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे (आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे) के लिए फतेहाबाद में भी किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इसका निर्माण यूपीडा द्वारा कराया जा रहा है। आगरा से फीरोजाबाद के बीच निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। इस बीच यूपीडा ने पिछले दिनों जमीन के बैनामों की जांच कराई। इसमें फतेहाबाद के गांव पलिया में गाटा संख्या 4 और 11 को अधिग्रहण के लिए चिन्हित ही नहीं किया गया था, इसलिए धारा चार में इन्हें शामिल नहीं किया गया। इसके बावजूद गाटा संख्या 11 के मालिक दिखाते हुए रामनरेश नामक किसान के नाम प्रशासन ने 54,340 रुपये का भुगतान कर दिया गया। अधिग्रहण के एक अन्य मामले में प्रशासन की टीम ने इससे भी बड़ा खेल कर दिया। कागजी हेराफेरी कर निर्धारित दर से अधिक रकम ठिकाने लगा दी। 
मामला फतेहाबाद के ही हुमायूंपुर गांव का है। यहां के बैनामों की जांच में पाया कि गाटा संख्या 70 व 72 को गांव की आबादी के पास दिखाकर 32 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से भुगतान किया गया। जबकि वर्ष 2014 में उक्त गांव में 28 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर अनुमोदित की गई थी। यूपीडा ने डीएम से इन दोनों ही खेल में शामिल में लोगों के चेहरे उजागर करने के लिए कहा है। बता दें कि यह जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जा चुकी है। 
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