फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जूनियर-सीनियर के बीच उलझी एसएन की जांच 

Sat, 15 Oct 2016 12:50 AM IST
जूनियर-सीनियर के बीच उलझी एसएन की जांच 
विज्ञापन
मेडिसिन विभाग की सभी इमरजेंसी सेवाएं ठप, सिर्फ ओपीडी चल रही, शिफ्टिंग के बाद नहीं शुरू हुईं सेवाएं - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
एसएन मेडिकल कालेज में मानवता को शर्मसार कर देने वाले प्रकरण की जांच छह दिन बाद भी शुरू नहीं हो सकी है। शहर के अब तक के सबसे चर्चित इस ऑडियो क्लीपिंग मामले की जांच जूनियर-सीनियर के बीच उलझकर रह गई है। हालांकि प्रकरण के आरोपी डा. श्वेतांक प्रकाश को सस्पेंड किया जा चुका है।
विज्ञापन

बता दें कि सात अक्तूबर को एसएन मेडिकल कालेज में संवेदनशीलता की सारी हदें पार हो गई थीं। खंदारी निवासी टीकम सिंह प्रजापति के 18 साल के बेटे मुकेश की एसएन मेडिकल कालेज में मौत हो गई थी। लेकिन इससे पहले टीकम के बेटे को अस्पताल में भर्ती करने को लेकर जो कुछ हुआ, उसकी ऑडियो क्लीपिंग ने कालेज के चिकित्सा प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए। जब मुकेश को भर्ती नहीं किया तो टीकम ने अपने मोबाइल फोन से सर्जन विभाग के अध्यक्ष डा. श्वेतांक प्रकाश की मौके पर मौजूद एक जूनियर से बात कराई। यह बातचीत उनके मोबाइल में रिकॉर्ड हो गई। इसमें डा. श्वेतांक प्रकाश ने अपने जूनियर से कहा कि मरने के लिए ही सही, उसे भर्ती तो कर लो। यह क्लीपिंग शहर में चर्चा का विषय बन गई। जिलाधिकारी तक मामला पहुंचा तो उन्होंने एडीएम सिटी को इसकी जांच के आदेश दिए। छुट्टियों के चलते वह अपनी जांच शुरू नहीं कर पाए थे, इस बीच बुधवार को शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डा. श्वेतांक प्रकाश को सस्पेंड कर दिया और कमिश्नर चंद्रकांत को जांच के आदेश दिए। लेकिन अब तक कमिश्नर के पास इसके लिखित आदेश नहीं पहुंचे हैं। इधर, कमिश्नर को प्रकरण की जांच के आदेश होने के बाद एडीएम सिटी ने जांच छोड़ दी है। 
विज्ञापन


एसएन प्रकरण की जांच के लिए फिलहाल अभी अधिकारिक आदेश पत्र मुझे नहीं मिला है। पत्र मिलते ही प्रकरण की जांच शुरू कर दी जाएगी।
- चंद्रकांत, कमिश्नर

शासन ने एसएन प्रकरण की जांच के लिए कमिश्नर सर को नियुक्त किया है। ऐसे में मेरे द्वारा जांच करने का सवाल ही नहीं उठता। मैंने जांच छोड़ दी है।
- धर्मेंद्र सिंह, एडीएम सिटी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें