दो महीने का वेतन न मिलने से नाराज जलकल कर्मचारियों ने महाप्रबंधक का घेराव कर प्रदर्शन किया। जीएम को कई घंटे तक दफ्तर से बाहर नहीं जाने दिया। उनके आफिस के बाहर ही धरना देकर बैठ गए। लगभग पांच घंटे बाद जीएम के प्रस्ताव पर सभी सहमत हुए।
दिवाली नजदीक है। तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। मगर, जलकल के दर्जनों कर्मचारियों को सितंबर से वेतन नहीं मिला है। इस पर कर्मचारी इकट्ठा होकर बुधवार को महाप्रबंधक मंजू गुप्ता से मिले थे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इससे गुस्साए कर्मचारियों ने गुरुवार सुबह 10 बजे वाटर वर्क्स स्थित कार्यालय के बाहर धरना दे दिया।
नारेबाजी करने लगे, इसी दरमियान महाप्रबंधक पहुंच गईं। उन्हें घेर लिया गया। तब आश्वासन दिया कि वह अधीनस्थ अधिकारियों से विचार-विमर्श कर कुछ ही देर में इसका हल निकालेंगी। इसके बाद जीएम दफ्तर में चली गईं। कर्मचारी जवाब के इंतजार में थे। समस्या न हल होते देख कर्मचारियों ने दफ्तर के बाहर धरना दे दिया।
कुछ अधिकारियों ने समझाने की कोशिश भी की। अपराह्न लगभग साढ़े तीन बजे कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने महाप्रबंधक से फिर से बात की। आश्वासन मिला कि 31 अक्तूबर तक सितंबर महीने का वेतन और 10 नवंबर से पहले अक्तूबर का वेतन दे दिया जाएगा।