दुनिया के सातवें अजूबे पर गर्मी के चलते सैलानी बेहाल हैं। दहकते संगमरमर पर मैट न बिछी होने के कारण सैलानी नंगे पांव ही पहुंच रहे हैं और तेज भागते हुए छांव की तलाश कर रहे हैं। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक ताज पर तपते पत्थर के कारण ता ता थैय्या करते दिख रहे हैं। एएसआई ने सैलानियों के लिए पीने के पानी तक का इंतजाम नहीं किया है। ताज के अंदर मेहमानखाने और मस्जिद की ओर आर ओ प्लांट बंद पड़े हैं।
बुधवार को तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। एएसआई ताजमहल में 40 डिग्री पार तापमान पर मैट बिछा दिया करता था, लेकिन इस साल अब तक मैट नहीं बिछाई गई। इससे चमेली फर्श और मुख्य मकबरे के संगमरमरी फर्श पर नंगे पांव जाने वाले सैलानी परेशान हो रहे हैं। केवल विदेशी पर्यटकों को ही शू कवर उपलब्ध हैं, जबकि भारतीय सैलानी नंगे पांव ही स्मारक में घूमते हैं।
ताज में बंद पड़े हैं आर ओ प्लांट
प्यास से बेहाल पर्यटक ताजमहल के बागीचों में सिंचाई के लिए उपयोग रहे पानी को पीकर प्यास बुझा रहे हैं। तेज धूप और गर्मी से परेशान पर्यटक मेहमान खाने की ओर छायादार ट्रैक का ही प्रयोग कर रहे हैं। सेंट्रल चैनल और सेंट्रल टैंक की ओर से सैलानियों का आना-जाना भी बेहद कम हो गया है। मुख्य गुंबद पर यमुना किनारे छायादार जगह पर सैलानी बैठकर थकान मिटा रहे हैं। तेज धूप में मकबरे के फ र्श पर नंगे पांव दस कदम चलना भी मुश्किल हो गया है।
सामान्य से 6 डिग्री ऊपर है पारा
मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री ऊपर 41.4 डिग्री दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान भी दो डिग्री ज्यादा 19.6 डिग्री पर है। पूरे दस दिनों से दिन में पारा सामान्य से ऊपर रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक अगले दो दिनों में पारा 43 डिग्री के भी पार पहुंच सकता है।