सौभाग्य सागर महाराज के प्रवास के दौरान उपस्थित श्रद्घालु
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टूंडला (फिरोजाबाद)। दान करने से यह लोक तो सुधरता ही है परलोक भी सुधर जाता है, इसलिए सभी को अपने जीवन में दान कर्म करना चाहिए। दान न करने वाले का धन किसी काम का नहीं। यह बातें पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में जैन मुनि विशोक सागर ने प्रवचन के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के धर्मशास्त्र भी दान करने की प्रेरणा देते हैं। किसी के पास कितना भी धन हो यदि वह दान नहीं करता है तो उसका धन किसी काम का नहीं है। दान करने से ही धन की शोभा होती है।
जैन मुनि ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी आमदनी में से कुछ प्रतिशत हिस्सा निर्बलों, निराश्रितों, निर्धनों को दान अवश्य करना चाहिए। दानवीरों को तो इतिहास भी याद करता है। यदि हमें इतिहास पुरुष बनना है तो दान करना चाहिए। गुप्तदान करने से और अधिक लाभ मिलता है। श्रद्धालुओं ने गरीब-असहायों का दान किया।
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