मैनपुरी। कोरोना से बचाव के लिए सामाजिक दूरी ही एक मात्र उपाय है। जिला कारागार में इस उपाय को कारगर कर पाना जेल प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। यहां क्षमता के सापेक्ष दोगुने से भी अधिक बंदियों को रखा गया है।
जिला कारागार में कुल 12 बैरक हैं। इन बैरकों में कुल 498 बंदियों को रखे जाने की व्यवस्था है जबकि वर्तमान में यहां पर महिला बंदियों के साथ मौजूद 12 बच्चों को मिलाकर कुल 1199 बंदी निरुद्घ हैं। लॉकडाउन से पहले जेल में 1189 बंदी थे। लॉकडाउन अवधि में हाईकोर्ट के निर्देश पर 150 बंदियों को जेल से निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया है। इनमें 113 विचाराधीन और 37 सजायाफ्ता बंदी शामिल हैं। इसके बाद फिर कई जघन्य अपराध और लॉकडाउन उल्लंघन के मामलों में लोगों को जेल भेजा गया। इससे संख्या बढ़कर 1199 हो गई है। फिलहाल जेल प्रशासन बैरकों सहित की गई अस्थायी व्यवस्था में ही बंदियों को सामाजिक दूरी बनाने का प्रयास बनाकर रखा जा रहा है।
कराई जा रही स्क्रीनिंग
जिला कारागार में बंदियों की नियमति स्क्रीनिंग कराई जा रही है। इसके साथ ही बचाव के लिए जेल प्रशासन द्वारा मास्क और सैनिटाइजर उपलब्ध कराए गए हैं। जेल अधिकारियों के अलावा न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी जेल का नियमित रूप से निरीक्षण कर रहे हैं। बंदियों पर एक नजर
-1094 हैं जेल में पुरुष बंदी
-72 हैं जेल में महिला बंदी
-21 हैं जेल में किशोर बंदी
-12 हैं महिला बंदियों के साथ बच्चे
जेल में क्षमता से अधिक बंदी हैं। बंदियों के बीच सामाजिक दूरी बनाई गई है। बंदियों को एक दूसरे से एक मीटर की दूरी पर रहने को कहा गया है। निरीक्षण करने वाले अधिकारी बंदियों को कोरेना संक्रमण के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
हरिओम शर्मा, जेल अधीक्षक