तीर्थनगरी वृंदावन में लगभग 284 वर्ष में पहली बार इस आयोजन पर ग्रहण लगा है। यमुना तट स्थित प्राचीन जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ सुसज्जित रथ पर विराजमान तो होंगे, लेकिन भक्तजन दर्शन लाभ से वंचित रहेंगे।
महंत ज्ञानप्रकाश पुरी के अनुसार सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए तीन रथों में विराजमान भगवान के श्री विग्रह को मंदिर परिसर में ही विहार कराया जाएगा। भक्तों को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। सप्त देवालयों समेत अन्य कई मंदिरों में भी भगवान नगर यात्रा नहीं करेंगे।
यह भी पढ़ें:
योगमय हुई 'योगीराज' की धरती, भारतीय संस्कृति में रंगे विदेशी श्रद्धालु, अद्भुत हैं ये तस्वीरें
सूर्य ग्रहण: आस्था से सराबोर हुई तीर्थनगरी, कहीं हुआ हवन-पूजन तो कहीं भजन-कीर्तन