संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने पर स्थिति भयावह हो गई है। एसएन मेडिकल कॉलेज में आईसीयू में 10 और आइसोलेशन वार्ड में 40 बेड ही बचे हैं। ये बेड भी चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मचारियों के संक्रमित होने के लिए रिजर्व रखे जाते हैं।
एसएन में 100-100 बेड के दो आइसोलेशन वार्ड हैं, इसमें एमसीएच इमारत का आईसीयू और आइसोलेशन वार्ड फुल हो चुका है। बाल रोग विभाग में बने 100 बेड में से 18 मेडिकल छात्र समेत 62 मरीज भर्ती हैं।
ये भी पढ़ें- इंतजार खत्म...छह महीने बाद ताजमहल-आगरा किला में नया सवेरा, पर्यटक, बोले वाह ताज, देखें तस्वीरें
आईसीयू की बात करें तो 70 बेड की क्षमता है, जिसमें से कोविड अस्पताल और इमरजेंसी का आईसीयू समेत 60 बेड पर मरीजों का इलाज चल रहा है। रोजाना करीब 30 से अधिक मरीज भर्ती हो रहे हैं, ऐसे में मुश्किल बढ़ सकती है। इस स्थिति को देख प्राचार्य ने आपात बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा कर प्रशासन को अवगत करा दिया है।
वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है
आइसोलेशन वार्ड में 40 से 50 बेड खाली हैं और आईसीयू भी लगभग फुल हो गया है, दस बेड ही रिक्त हैं। संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ते देख, स्थिति से प्रशासन को सूचित किया है। वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। -डॉ. संजय काला, प्राचार्य
दस दिनों में मिले 1108 संक्रमित
कोरोना के मरीज इस कदर बढे़ है कि बीते दस दिन में ही 1108 मरीज चिह्नित किए जा चुके हैं। लगभग औसतन रोजाना 110 मरीज पाए गए हैं। इन दस दिनों में छह लोगों की मौत भी हुई है। दस सितंबर को 3742 संक्रमित और 112 लोगों की मौत हुई थी, अब यह संख्या 4850 और 118 पहुंच गई है।
एल-थ्री श्रेणी के 300 बेड और बढ़ाए जाएं: डॉ. पचौरी
आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरएम पचौरी का कहना है कि रोजाना 100 से अधिक संक्रमित पाए जा रहे हैं, एसएन कॉलेज और निजी अस्पताल में बेड लगभग भर चुके हैं। ऐसे में एल-थ्री श्रेणी के 300 बेड और तैयार किए किए जाने चाहिए। इसमें 200 बेड एसएन कॉलेज में और 100 बेड निजी अस्पतालों में रहें। वैसे आईएमए ने हर निजी अस्पताल को 20 बेड संदिग्ध कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित करने को कहा है, जिससे उनको इलाज में दिक्कत न हो।
| अस्पताल |
श्रेणी |
बेड |
| एसएन मेडिकल कॉलेज |
एल-3 |
216 |
| एचआईटीएम |
एल-1 |
450 |
| नयति हापॅस्पिटल |
एल-1,2,3 |
60 |
| रामरघु हॉस्पिटल |
एल 1,2,3 |
140 |
| प्रभा हॉस्पिटल |
एल-1,2 |
60 |
| पुष्पांजलि हॉस्पिटल |
एल-1 |
25 |
| एचआईटीएम |
आरक्षित बेड |
2650 |