आगरा मेट्रो अब सितंबर तक आईएसबीटी, गुरु का ताल और सिकंदरा तक दौड़ेगी। एनएचआई से एनओसी मिलने के बाद कार्य तेजी से शुरू कर दिया जाएगा। अनुमान है कि ये ट्रेक सितंबर तक शुरू हो जाएगा।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन (यूपीएमआरसी) को पहले कॉरिडोर के तीन एलिवेटेड स्टेशन के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) से एनओसी मिल गई है। आठ महीने पहले इसके लिए आवेदन किया गया था। इससे अगले साल सितंबर तक सिकंदरा तक मेट्रो ट्रेन दौड़ने लगेगी।
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पहले कॉरिडोर की दूरी करीब 14 किमी
यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि पहले कॉरिडोर की दूरी करीब 14 किमी है और इसमें 13 स्टेशन हैं। इसमें ताज पूर्वी से मन:कामेश्वर स्टेशन तक मेट्रो ट्रेन का संचालन हो रहा है। इसके अंतिम तीन स्टेशन आईएसबीटी, गुरु का ताल और सिकंदरा भी एलिवेटेड हैं। इनमें आईएसबीटी सर्विस रोड और गुरु का ताल-सिकंदरा स्टेशन हाईवे के मध्य बनेगा। इसके निर्माण के लिए राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण, नगर निगम, सेना समेत अन्य विभागों की एनओसी मिल गई थी। 8 महीने से एनएचएआई से एनओसी लटकी हुई थी, अब अनुमति मिल गई है। ऐसे में निर्माण कार्य तेजी से शुरू कराएंगे। भूमिगत और एलिवेटेड स्टेशन का निर्माण अगले साल अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा। सितंबर से ताज पूर्वी से सिकंदरा तक मेट्रो ट्रेन का संचालन होगा।
इन स्टेशनों का चल रहा काम
भूमिगत स्टेशनों में आरबीएस और राजामंडी स्टेशन का निर्माण हो गया है। आगरा कॉलेज और एसएन मेडिकल कॉलेज स्टेशन के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। एनएचएआई के घटना प्रबंधक नरेंद्र चौधरी का कहना है कि एनएचएआई से मेट्रो ट्रेन के लिए एनओसी जारी होने की अभी आधिकारिक जानकारी नहीं है, सोमवार को पता कर बता पाएंगे।
दूसरे कॉरिडोर के लिए जल्द होगा अंतिम सर्वे
मेट्रो ट्रेन का दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक है। ये एलिवेटेड है और इसमें 14 स्टेशन हैं। इसकी दूरी करीब 15 किमी है। ये एमजी रोड से होता हुआ हाईवे से गुजरेगा। इसके लिए यमुना पर पुल बनेगा और मंडी समिति के पास हाईटेंशन लाइन को भी ऊंचा किया जाएगा। इसके लिए एनएचएआई, यूपीएमआरसी, नगर निगम, एडीए, पुलिस-प्रशासन, ग्रीन गैस लिमिटेड समेत अन्य विभागाें की टीम संयुक्त रूप से निरीक्षण कर रिपोर्ट बनाएगी। इससे पाइप लाइन, खंभे, अतिक्रमण समेत अन्य की सूची बनाकर इनका समाधान कराया जाएगा।