आगरा में होटल पर छापे के दौरान आईपीएल सट्टे में शामिल पांच आरोपी पकड़े गए, लेकिन बड़े सटोरिए अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस दबिश का दावा कर रही है, जबकि शहर में होटल और गेस्ट हाउस सट्टेबाजों का नया ठिकाना बनते जा रहे हैं।
आगरा के थाना ताजगंज पुलिस ने फतेहाबाद रोड स्थित होटल हावर्ड पार्क प्लाजा में आईपीएल में सट्टा लगाने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। प्राथमिकी में आठ और नाम शामिल किए हैं। उनको पुलिस मंगलवार को भी गिरफ्तार नहीं कर सकी। पुलिस ने बड़े खिलाड़ियों के नाम शामिल कर खानापूर्ति की है हालांकि दबिश का दावा किया जा रहा है।
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रविवार रात को थाना ताजगंज पुलिस ने फतेहाबाद रोड स्थित होटल के कमरा नंबर 318 में छापा मारा था। चार आरोपी पकड़े गए थे। इनमें सुनील धाकड़, अनिल खेम्यानी, मनीष मयानी उर्फ सब्जी और राहुल उर्फ लाला को पकड़ा। यह लोग आईपीएल में सट्टा लगा रहे थे। इसके बाद उनके साथी गोविंद नगर निवासी पीयूष शर्मा को गिरफ्तार किया गया था। वह सटोरियों के लिए ब्याज पर रकम देने का काम कर रहा था।
इनके अलावा प्राथमिकी में राधे मल्होत्रा, अनिल शर्मा उर्फ अन्नी पंडित, संजय कालिया, राजीव चोपड़ा, टोनी सिंधी, बोनी वकील और भारत पेशवानी के नाम को शामिल किया गया। यह सभी सट्टे के बड़े खिलाड़ी हैं। पुलिस कार्रवाई में इन लोगों के नाम तो आए लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास का कहना है कि नामजद आरोपी घरों से भागे हुए हैं। उनके परिजन भी नहीं मिल रहे हैं। सभी की गिरफ्तारी के लिए टीमों को लगाया गया है। आईपीएल सट्टे के मामले में किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा।
होटल और गेस्ट हाउस के कमरे बन रहे सटोरियों का नया ठिकाना
आईपीएल शुरू होते ही शहर के बड़े सटोरिए होटल और गेस्ट हाउस में कमरे बुक करा रहे हैं। आईडी लेकर कमरा दे दिया जाता है। होटल प्रबंधक की तरफ से कमरा लेने का कारण नहीं पूछा जाता है। इस वजह से यह ठिकाना सटोरिए सुरक्षित मानते हैं। फतेहाबाद रोड स्थित होटल हावर्ड पार्क प्लाजा के एक कमरे में चारों आरोपी मोबाइल से सट्टा लगा रहे थे। लाखों की रकम लगाने के बाद कमरा बदल देते हैं। पुलिस को जानकारी भी मिल जाए तो छापा मारने से पहले ही स्थान बदल दिया जाता है। कई बड़े खिलाड़ी तो शहर से बाहर के इलाकों में होटल में ठहरकर सट्टा लगाने का काम कर रहे हैं।
जेल में करवटें बदलते गुजारी रात
आईपीएल सट्टे के मामले में जेल भेजे गए पांचों आरोपियों को 9 नंबर बैरक में रखा गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की सिफारिश में थाना पुलिस से लेकर आला अधिकारियों तक फोन आते रहे। मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण पुलिस ने प्राथमिकी में संगठित अपराध की धारा भी लगाई गई। आरोपियों को उम्मीद थी कि कोर्ट में पेश होने के बाद जमानत पर रिहा कर दिया जाएगा लेकिन सभी को जेल भेज दिया गया। दिनभर होटल में ठिकाना बनाने वाले बैरक में रात भर करवटें बदलते रहे।