मैनपुरी। तकनीकी के विकास के साथ-साथ साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन ठगी के चलते कभी खाते से हैकर रुपये उड़ा लेते हैं तो कभी ऑनलाइन शॉपिंग करके नुकसान पहुंचाते हैं। ये मामले पुलिस के लिए सुलझाना मुश्किल हो रहे थे। इसी के चलते पुलिस विभाग ने साइबर सेल में आईपी एड्रेस ट्रेसिंग डिवाइस लगवाई है। इसके माध्यम से साइबर अपराध रोके जा सकेंगे।
जिले में ऑनलाइन ठगी के मामले पुलिस के पास पहुंचते हैं। ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कर उन्हें जांच के लिए साइबर सेल स्थानांतरित कर दिया जाता है। यहां मौजूद तकनीकी योग्यता वाले पुलिसकर्मी ऑनलाइन माध्यम से ही इन मामलों का सुलझाने का प्रयास करते हैं। ऑनलाइन ठगी में जिस डिवाइस और लोकेशन से ठगी हुई है, इसका पता लगाना बहुत जरूरी है। इसके लिए आईपी एड्रेस को ट्रेस करना ही एकमात्र तरीका है। इसी के लिए साइबर सेल में अब आईपी एड्रेस ट्रेसिंग डिवाइस लगवाई गई है। इस डिवाइस के माध्यम से साइबर सेल को ऑनलाइन ठगी के मामले सुलझाने में मदद मिलेगी।
----
इंटरनेट से चलने वाले प्रत्येक गैजेट जैसे कंप्यूटर, लैपटॉप, टैबलेट या स्मार्टफोन सभी का एक आईपी एड्रेस होता है। आइपी एड्रेस को इंटरनेट एड्रेस भी कहा जाता है। इसके माध्यम से डिवाइस की जानकारी और उसकी लोकेशन भी पता की जा सकती है।
----
साइबर सेल में आइपी एड्रेस ट्रेस करने की डिवाइस उपलब्ध है। इससे ऑनलाइन ठगी के मामले सुलझाने में मदद मिली है।
विक्रम सिंह, साइबर सेल प्रभारी।