उत्तर प्रदेश की छवि खराब कर दी गई थी। लोग यहां निवेश करने में हिचकते थे लेकिन सपा सरकार ने विकास के मार्ग में आ रहे सभी रोड़े हटा दिए हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को यहां आयोजित प्रदेश के पहले ‘यूपी प्रवासी दिवस’ का उद्घाटन करने के बाद यह बात कही। उन्होंने कहा कि आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा प्रदेश के विकास की रफ्तार प्रवासी भारतीयों के अनुभव और सहयोग से तेज किया जाएगा। पहले दिन 13 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए और 16 प्रवासी भारतीयों को यूपी रत्न अवार्ड से सम्मानित किया गया।
प्रदेश के एनआरआई विभाग और फेडरेशन आफ इंडियन चेंबर्स आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज (फिक्की) के सहयोग से आईटीसी मुगल में हो रहे दो दिवसीय सम्मेलन में अखिलेश ने कहा कि 2012 में समाजवादी पार्टी ने सत्ता संभाली थी तब प्रदेश की दशा खराब थी। विकास थम चुका था। सरकार ने बिना समय गंवाए तेजी से कदम उठाए, नतीजा यह हुआ है कि लखनऊ में सबसे तेज मेट्रो आ रही है। कानपुर में भी मेट्रो की योजना है। 300 किलोमीटर लंबे आठ लेन के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे का निर्माण तेजी हो रहा है। लखनऊ में आईटी सिटी, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, फुटबाल स्टेडियम, ट्रांस गंगा हाईटेक सिटी पर काम चल रहा है। यहां के शहर ही नहीं गांव भी बदल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे कई शहर इतने बड़े हैं कि जितने विश्व में कई देश नहीं हैं। चीनी, दूध उत्पादन में प्रदेश नंबर वन है। पर्यटन में प्रदेश नए आयाम गढ़ रहा है। फिल्म निर्माता संजय खान आगरा में थीम सिटी बनाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए कहा, ‘एक प्रदेश दावा करता था कि सबसे अधिक एनआरआई उनके प्रदेश से हैं लेकिन हमें नहीं पता था कि उत्तर प्रदेश से भी इतनी संख्या में एनआरआई हैं। कुछ लोग कहेंगे सरकार के चार वर्ष गुजर गए यह आयोजन पहले क्यों नहीं हुआ तो मुझे केवल यही कहना है कि एनआरआई दिवस का उद्देश्य आपसे दिल के रिश्ते जोड़ना है। जिस माटी की महक को आप भूल रहे हैं उसे आप तक पहुंचाना है और आपके अनुभव का लाभ लेकर प्रदेश के नौजवानों के सपने पूरे करने हैं।’
सीएम ने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के पास कृषि से संबंधित उद्योग, किसानों के उत्पादों को व्यवस्थित कर उससे संबंध उद्योग लगाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर कदम पर मदद करेगी। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया, अभिषेक मिश्रा, सांसद डिंपल यादव, मुख्य सचिव आलोक रंजन, प्रमुख सचिव पर्यटन नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव एनआरआई संजीव सरन आदि मौजूद रहे।