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यमुना मैली करने वालों की जांच को बनी कमेटी

Thu, 10 Dec 2015 01:28 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने जिले में यमुना किनारों पर बसी कालोनियों का अपशिष्ट बिना शोधन सीधे नदी में बहाए जाने की जांच करने के लिए कमेटी गठित की है। इस कमेटी में राज्य व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारी शामिल होंगे। ग्रीन बेंच ने कमेटी को अपशिष्ट का सैंपल लेकर जांच करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई अगले साल 18 जनवरी को होगी।
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जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने बुधवार को डीके जोशी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की। याची की ओर से एडवोकेट राहुल चौधरी व एडवोकेट संजय पांडेय पेश हुए। आगरा विकास प्राधिकरण और कमिश्नर आगरा की ओर से पेश वकील ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की। इस रिपोर्ट में संबंधित कालोनियों और बिल्डर्स के सीवर लाइन कनेक्शन और सीएंडडी वेस्ट पर स्थिति बताई गई है। इसके बाद ग्रीन बेंच ने जांच के लिए कमेटी गठित की है।
इन कालोनी में सीवर कनेक्शन की स्थिति
स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक, जगनपुर क्षेत्र में इंद्रप्रस्थ कालोनी, राहुल विहार, संत नगर जयराम बाग, राहुल ग्रीन एक्सटर्नल सीवर लाइन से नहीं जुड़े हैं। ट्यूलिप पैराडाइज ने 19 नवंबर को कनेक्शन लिया है। अमर विहार, मैत्री बाग, फ्रेंड्स विहार और राधाबल्लभ इंटर कालेज बाहरी सीवर लाइन से नहीं जुड़े हैं। पुष्पांजलि हाइट, मंगलम एस्टेट, तनिष्क राजश्री, ताराचंद और अनूप अग्रवाल के प्लॉट से निर्माण (सीएंडडी) मलबा नहीं हटाया गया है।
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दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश
बेंच ने यमुना को प्रदूषित करने वाली संबंधित कालोनियों और बिल्डरों को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। एनजीटी ने आगरा विकास प्राधिकरण और नगर निगम को चेताया कि यह उनके लिए आखिरी मौका है यदि आदेश का पालन न हुआ तो अधिकारियों से जुर्माना वसूला जाएगा।
बैठक के बाद क्या कार्रवाई, यह भी बताएं
सुनवाई के दौरान कमिश्नर आगरा की ओर से पेश वकील ने कहा कि हाल ही में अपशिष्ट और ठोस कचरे (एमएसडब्ल्यू) के निस्तारण के लिए बैठक की गई थी। ग्रीन बेंच ने इस बैठक के बाद स्थानीय प्रशासन की ओर से उठाए गए कदमों और मौजूदा स्थिति पर स्टेटस रिपोर्ट भी अगली सुनवाई में दाखिल करने को कहा है।
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