आगरा। किरावली थाने में किसान राजू शर्मा को थर्ड डिग्री दी गई। इसके बाद थाना छत्ता की जीवनी चाैकी पर दूध विक्रेता को पीटा गया। दोनों पीड़ितों के पास पिटाई के सबूत हैं। इसके बावजूद लीपापोती की जा रही है। निलंबन और लाइन हाजिर तक कार्रवाई सिमट कर रह गई है। पीड़ितों की तहरीर पर प्राथमिकी तक दर्ज नहीं हो रही है। पहला मामला 22 दिसंबर 2025 को सामने आया था। किरावली के गांव करहरा निवासी राजू शर्मा की पिटाई लगाई गई थी। आरोप है कि राजू को हत्या की घटना के आरोपियों के नाम नहीं बताने पर पुलिस ने उल्टा टांग दिया था। इसके बाद पैरों में डंडे से पीटा था। उनके दोनों पैरों की हडडी टूट गई थीं। इस मामले में थानाध्यक्ष नीरज सहित तीन को निलंबित किया गया। एसीपी अछनेरा को हटा दिया गया था। पीड़ित परिजन ने डीसीपी को तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी। इस घटना को 15 दिन बीत चुके हैं। पीड़ित परिजन का कहना है कि अब तक जांच पूरी नहीं हुई है। दो दिन पहले राजू को बयान के लिए बुलाया गया था। इसके बाद घर भेज दिया लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। इससे पीड़ितों में आक्रोश है।
कैसे होगी सुनवाई, न्याय मिलने का इंतजार
वहीं दूसरा मामला तीन जनवरी को सामने आया था। सैंया के वीरई निवासी दूध विक्रेता नरेंद्र कुशवाहा को थाना छत्ता की जीवनी मंडी चाैकी में पीटा गया था। नरेंद्र का कसूर बस इतना था कि पुलिसकर्मियों के कहने पर वो टेंपो लेकर नहीं गया था। वह पुलिस से कह रहा था कि उसे टेंपो नहीं चलाना आता है। इसके बावजूद उस पर दबाव बनाया गया। मना करने पर जमकर पीटा गया। इस मामले में चाैकी प्रभारी को निलंबित किया गया। वहीं थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किया था। इस घटना में भी पीड़ित परिवार ने तहरीर दी लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित का कहना है कि अधिकारी सबूत मांग रहे हैं। उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। परिजन ने बुधवार से अनशन का ऐलान किया है।
जारी है जांच
दोनाें मामलों में जांच कराई जा रही है। शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई।
- दीपक कुमार, पुलिस आयुक्त