मथुरा में औषधि विभाग द्वारा सीज किए गए कोडीन सिरप मामले में जांच प्रारंभ हो गई है। इस मामले मथुरा और अलीगढ़ औषधि विभाग मिलकर जांच कर रहा है। जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि शनिवार को अलीगढ़ के जिस मेडिकल स्टोर का बिल मिला था, उसके लाइसेंस स्थल पर मकान बना मिला है।
बता दें शनिवार को औषधि निरीक्षक एके आनंद ने पुलिस के साथ गोवर्धन चौराहे पर चेकिंग के दौरान टाटा मैजिक को पकड़ा था, जिसका चालक मौके से फरार हो गया। मैजिक में 60 हजार की कीमत के 25 कार्टूनों में 3000 सीरप कोडीन के मिले थे। वहीं गाड़ी में सिरप के बिल भी मिले थे। यह बिल शाहिर मेडिकल अलीगढ़ के नाम से था। बिल के अनुसार शाहिर मेडिकल अलीगढ़ ने कोसी के गनपति मेडिकल के लिए ये दवाएं भेजी थीं।
इस प्रकरण की औषधि विभाग ने जांच शुरू कर दी है। डीआई ने इसकी सूचना अलीगढ़ मंडल के सहायक आयुक्त औषधि पूरन सिंह को दी। सहायक आयुक्त ने पुलिस के साथ अलीगढ़ के लाइसेंस स्थल पर छापा मारा। यहां शाहिर मेडिकल स्टोर में मकान बना मिला। वहां कोई मेडिकल स्टोर नहीं था। लोगों ने बताया कि दवा का काम करीब एक वर्ष पूर्व ही बंद किया जा चुका है। डीआई आनंद ने जब कोसी के गनपति मेडिकल स्टोर संचालक से पूछताछ की कि तो बताया गया कि उन्होंने कोई माल नहीं मंगाया।