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UP: सात साल से कम की सजा में आरोपी की मांगी रिमांड, कोर्ट में फंसे विवेचक; पुलिस आयुक्त को कार्रवाई के निर्देश

Mon, 27 Apr 2026 09:25 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

सात वर्ष से कम सजा वाले मामले में गिरफ्तारी से पहले विवेचक ने कोई नोटिस नहीं दिया था और न ही रिमांड के साथ डीजीपी प्रपत्र के अनुसार कोई भी चेक लिस्ट लगाई। इस पर कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा रिमांड निरस्त कर आरोपियों को 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहाई के आदेश दिए।
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कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सात वर्ष से कम सजा के मामले में आरोपी को बिना नोटिस दिए गिरफ्तार करने और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने पर खंदौली थाने के विवेचक फंस गए। न्यायालय ने आरोपी की रिमांड निरस्त कर 20 हजार रुपये के मुचलके पर रिहा करने और पुलिस आयुक्त को विवेचक पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
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खंदौली पुलिस ने मारपीट और सेवन सीएलए की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। विवेचक ने आरोपी कृष्ण कुमार, कान्हा उर्फ कृष्ण कुमार, नेत्रपाल निवासी मलीपुरा, खंदौली को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया और न्यायिक अभिरक्षा रिमांड मांगी। सात वर्ष से कम सजा वाले इस मामले में गिरफ्तारी से पहले विवेचक ने कोई नोटिस भी नहीं दिया था और न ही रिमांड के साथ डीजीपी प्रपत्र के अनुसार कोई भी चेक लिस्ट लगाई।

गिरफ्तारी का कारण पूछने पर विवेचक का उत्तर भी संतोषजनक नहीं रहा। न्यायालय ने कहा कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट दिशानिर्देश हैं कि सात वर्ष से कम सजा वाले आपराधिक मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकती। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-5 ने न्यायिक अभिरक्षा रिमांड निरस्त कर आरोपियों को 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहाई के आदेश दिए। विवेचक के विरुद्ध कार्रवाई के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिए।
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