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UP: इन गेमिंग और बेटिंग एप में कराया निवेश...करोड़ों कमाने का झांसा; सपने दिखाने वाले तीन शातिर गिरफ्तार

Mon, 03 Jun 2024 09:17 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

गेमिंग और बेटिंग एप में करोड़ों रुपये कमाने का झांसा देकर ठगी करने वाले तीन शातिरों को पुलिस ने दबोच लिया है। आरोपी बैंक एकाउंट खुलवाकर खातों में करोड़ों का लेनदेन करते थे। 
 
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gaming app fraud - फोटो : Istock
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विस्तार
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आगरा में गेमिंग और बेटिंग एप के माध्यम से लोगों को करोड़ों कमाने का झांसा देकर ठगी करने के आरोप में तीन साइबर अपराधियों को थाना ट्रांस यमुना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये लोगों को जल्दी रईस बनने के सपने दिखाकर निवेश के लिए फर्म खुलवाते थे। बैंक खाते खुलवाने के बाद उनमें यूपीआई के माध्यम से पैसा ट्रांसफर करवा लेते थे। आईपीएल के दौरान भी लोगों को लाखों का चूना लगाया था।
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थाना प्रभारी के मुताबिक, काफी समय से गेमिंग और बेटिंग एप से ठगे जाने की शिकायतें मिल रही थीं। रविवार को पुलिस ने महाराष्ट्र के भंडारा जिले के रितिक अमरलाल मालधारी, नरायच, यमुनापार के ऋषभ जादौन और नरायच के मिलाप सिंह उर्फ मोनू को पकड़ा। उनके पास से 11 फर्जी सिम, दो बैंक चेकबुक, विभिन्न बैंकों के 9 एटीएम व डेबिट कार्ड, दो आईडी, चार मोबाइल और 24,500 रुपये बरामद किए।

 
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आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह अपने साथियों के साथ लोगों को ज्यादा पैसा कमाने का लालच देकर जाल में फंसाते हैं। लोगों से उनकी आईडी लेकर सिम लेते हैं और उन्हें रुपये देकर उनके नाम पर ही फर्म खुलवा देते हैं। फर्म के चालू खाते को गेम के लेनदेन (ट्रांजेक्शन) में प्रयोग करते हैं।

 

फर्म के इन खातों में यूपीआई के माध्यम से करोड़ों रुपये का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन होता है। इसी तरह लोगों को 20 हजार रुपये देकर उनकी आईडी से बैंकों में चालू खाता खुलवा देते हैं। अभी तक सैकड़ों लोगों से इसी तरह फर्जी सिम से खाते खोलकर धोखाधड़ी कर चुके हैं।
आईपीएल में भी लगाया चूना

 

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि इंडियन प्रीमियर लीग के क्रिकेट मैचों में भी उन्होंने बेटिंग के नाम पर लोगों को लाखों रुपये का चूना लगाया। आईपीएल की समाप्ति के बाद अब टी-20 विश्वकप के मैचों में करोड़ों कमाने की तैयारी की थी। इसके लिए वह नए खाते खोलने के लिए लोगों को निशाना बना रहे थे।


 
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ताजगंज से जेल जा चुका है ऋषभ
पुलिस की पूछताछ के दौरान ऋषभ ने बताया कि वह इसके पहले थाना जैतपुर और ताजगंज से भी धोखाधड़ी के मामलों में जेल जा चुका है। अब पुलिस उसके गिरोह से जुड़े अन्य साथियों की तलाश में जुट गई है।
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